DUSU Election Result 2026: दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (DUSU) चुनाव 2026 के नतीजे जारी कर दिए गए हैं। डूसू चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने परचम लहराते हुए 4 में से 3 पदों पर शानदार जीत दर्ज की है। जिसमें अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव के पद शामिल। जबकि निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने उपाध्यक्ष पद पर जीत हासिल कर इतिहास रच दिया। वहीं NSUI के खाते में एक भी सीट नहीं आई है।
हालांकि शुरुआत में, प्रेसिडेंट पद के लिए वोटों की गिनती में NSUI के विजय शंकर मीणा आगे चल रहे थे। लेकिन अंतिम समय में एबीवीपी के यश डबास ने विजय शंकर मीणा को 2,053 वोटों के अंतर से दिया। दोनों उम्मीदवारों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। यश डबास को कुल 24,576 वोट मिले जबकि विजय शंकर मीणा को 22,523 वोट मिले। इस चुनाव में एबीवीपी, एनएसयूआई और AISA-SFI गठबंधन जैसे प्रमुख छात्र संगठनों के 20 उम्मीदवार चार सेंट्रल पैनल पदों के लिए चुनावी मैदान में थे। उधर नतीजे घोषित होते ही ABVP कार्यकर्ताओं ने यूनिवर्सिटी कैंपस में ढोल-नगाड़ों की थाप पर जश्न मनाया। तीन अहम पदों पर जीत हासिल करके, ABVP ने छात्र राजनीति में अपनी स्थिति एक बार फिर मजबूत कर ली है।
ये कैंडिडेट चुनाव जीते
अधयक्ष – यश डबास (ABVP)
उपाध्यक्ष- दिपांशु शौकीन (निर्दलीय कैंडिडेट )
सचिव – रिया छाबड़ी- (ABVP)
संयुक्त सचिव – लक्ष्य राज सिंह (ABVP)
अधयक्ष पद जीतने के बाद क्या बोले यश डबास
ABVP के यश डबास ने 24,576 वोटों के अंतर से अधयक्ष का पद जीता। जीते के बाद उन्होंने कहा, “यह भाईचारे, देशभक्ति और संघ की सामूहिक ताकत की जीत है। पीयू से लेकर डीयू तक के संस्थानों के छात्रों ने हमारी जीत पक्की करने के लिए काम किया। NSUI कैंपस से पूरी तरह खत्म हो गई है। वे 4-0 से हारे हैं। हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता हर PG और हॉस्टल का सेफ्टी ऑडिट करवाना होगा। हम सबने सत्य निकेतन में हुआ हादसा देखा है; हम नहीं चाहते कि भविष्य में किसी के साथ ऐसी घटना हो, और हमारा मुख्य फोकस यही होगा हर कॉलेज, हॉस्टल और पीजी का सेफ्टी ऑडिट करवाना। विद्यार्थी परिषद पिछली बार 3-1 से जीती थी और इस बार भी 3-1 से जीती है; अगली बार हम 4-0 से जीतेंगे।”
नतीजों पर टिप्पणी करते हुए ABVP ने कहा कि उन्होंने “3-0 से जीत” हासिल की है, जो दिखाता है कि आज के युवा विकास और राष्ट्रवाद की विचारधारा के साथ हैं। दिल्ली यूनिवर्सिटी को विविधता से भरपूर “मिनी-इंडिया” माना जाता है। इसलिए, DUSU चुनाव के नतीजों ने न केवल छात्र राजनीति पर, बल्कि युवाओं के बीच विकास और राष्ट्रवाद जैसे मुद्दों पर भी चर्चा छेड़ दी है। हालांकि NSUI के उम्मीदवारों ने युवाओं को प्रभावित करने की पूरी कोशिश की, लेकिन युवा वोटरों ने विकास और राष्ट्रवाद के आदर्शों के प्रति अपनी पक्की प्रतिबद्धता दिखाई।
40.76 % हुई थी वोटिंग
दिल्ली यूनिवर्सिटी के 52 पोलिंग सेंटर्स के डेटा के अनुसार, शुक्रवार को हुई वोटिंग में 40.46 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई। यह पिछले तीन सालों में सबसे ज़्यादा वोटिंग थी; इसकी तुलना में, पिछले साल वोटिंग का प्रतिशत 39.5 था। अलग-अलग समय पर क्लास अटेंड करने वाले स्टूडेंट्स की सुविधा के लिए वोटिंग प्रोसेस दो चरणों में आयोजित की गई थी। पहला चरण सुबह 8:30 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक हुआ, जबकि इवनिंग-शिफ्ट के स्टूडेंट्स के लिए दूसरा चरण दोपहर 3:00 बजे से शाम 7:30 बजे तक आयोजित किया गया।
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