राजधानी लखनऊ की सड़कों पर की गई गणतंत्र दिवस की रिहर्सल परेड

लखनऊ–हर साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के रूप में पूरे देश में काफी जोश और सम्मान के साथ मनाया जाता है।ठीक उसी प्रकार इस वर्ष भी गणतंत्र दिवस से पहले को गई प्रैक्टिस इस मौके पर राजपाल भी मौजूद रहीं । इस मौके पर कमिश्नर सुजीत पांडेय भी अपनी पुलिस फोर्स के साथ मौजूद रहे। 26 जनवरी का दिन भारत के तीन महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पर्वों में से एक है। यह, वह दिन है जब भारत में गणतंत्र और संविधान लागू हुआ था। यही वजह है कि इस दिन को हमारे देश के आत्मगौरव और सम्मान से भी जोड़ा जाता

Written By :

Shweta Singh

Updated

January 24, 2020

लखनऊ–हर साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के रूप में पूरे देश में काफी जोश और सम्मान के साथ मनाया जाता है।ठीक उसी प्रकार इस वर्ष भी गणतंत्र दिवस से पहले को गई प्रैक्टिस इस मौके पर राजपाल भी मौजूद रहीं ।

इस मौके पर कमिश्नर सुजीत पांडेय भी अपनी पुलिस फोर्स के साथ मौजूद रहे। 26 जनवरी का दिन भारत के तीन महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पर्वों में से एक है। यह, वह दिन है जब भारत में गणतंत्र और संविधान लागू हुआ था। यही वजह है कि इस दिन को हमारे देश के आत्मगौरव और सम्मान से भी जोड़ा जाता है। इस दिन देश भर में कई तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, खासतौर पर स्कूलों और सरकारी दफतरों में इसे काफी धूम-धाम के साथ मनाया जाता है। साथ ही इस मौके पर भाषण, निबंध लेखन और कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाता है।

भारत सरकार हर साल राजधानी, लखनऊ में खास कार्यक्रम का आयोजन करती है जिसमें विधान सभा पर परेड होती है। सुबह-सुबह ही इस महान कार्यक्रम को देखने के लिए लोग इकट्ठा होने लगते है। इसमें तीनों सेनाएं विधान सभा से अपनी परेड को शुरू करती हैं जिसमें तरह-तरह अस्त्र-शस्त्रों का भी प्रदर्शन किया जाता है। आर्मी बैंड, एन.सी.सी कैडेट्स और पुलिस बल भी विभिन्न धुनों के माध्यम से अपनी कला का प्रदर्शन करते है। राज्यों में भी इस उत्सव को राज्यपाल और मुख्यमंत्री की मौजूदगी में बेहद शानदार तरीके से मनाया जाता है।

संस्कृति की झलक ,भारत में आज़ादी के बाद ‘विविधता में एकता’ के अस्तित्व को दिखाने के लिए देश के अलग-अलग राज्य खूबसूरत झांकियों के ज़रिए अपनी संस्कृति, परंपरा और प्रगति को दिखाते हैं। हर राज्य का लोक नृत्य प्रस्तुत किया जाता है साथ ही गायन और वाद्य यंत्रों को बजाया जाता है। कार्यक्रम के अंत में तीन रंगों (केसरिया, सफेद और हरा) शांति को प्रदर्शित करने के लिए कुछ रंग-बिरंगे गुब्बारों को आकाश में छोड़ा जाता है।