यूपी में रेप जैसे मामलों के लिए बनेंगे 218 नए फास्ट ट्रैक कोर्ट, CM योगी ने दी मंजूरी

लखनऊ– मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आज हुई यूपी सरकार की कैबिनेट बैठक में महिलाओं के खिलाफ हो रहे अत्याचारों के हित में बड़ा फैसला लिया गया है। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने प्रदेश में 218 नए फास्ट ट्रैक कोर्ट खोलने की मंजूरी दी है। इनमें से 144 नई अदालतें केवल रेप मामले की सुनवाई करेगा जबकि 74 अदालतें पॉस्को एक्ट वाले केस सुनेगी। मीटिंग के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में उत्तर प्रदेश के कानून मंत्री ब्रजेश पाठक बताया कि प्रदेश में 42389 पोस्को और 25749 बलात्कार के मामले अभी पेंडिंग है। जिसके चलते यूपी सरकार ने ये बड़ा

Written By :

Shweta Singh

Updated

December 10, 2019

लखनऊ– मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आज हुई यूपी सरकार की कैबिनेट बैठक में महिलाओं के खिलाफ हो रहे अत्याचारों के हित में बड़ा फैसला लिया गया है।

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने प्रदेश में 218 नए फास्ट ट्रैक कोर्ट खोलने की मंजूरी दी है। इनमें से 144 नई अदालतें केवल रेप मामले की सुनवाई करेगा जबकि 74 अदालतें पॉस्को एक्ट वाले केस सुनेगी। मीटिंग के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में उत्तर प्रदेश के कानून मंत्री ब्रजेश पाठक बताया कि प्रदेश में 42389 पोस्को और 25749 बलात्कार के मामले अभी पेंडिंग है। जिसके चलते यूपी सरकार ने ये बड़ा फैसला लिया है। ब्रजेश पाठक ने बताया कि इसके जजों की भर्ती जल्द शुरू की जाएगी। इन अदालतों के गठन पर होने वाले खर्च का 60% हिस्सा केंद्र सरकार तथा 40% हिस्सा राज्य सरकार उठाएगी। हर कोर्ट का खर्च 75 लाख रुपये आएगा।

इसके अलावा कैबिनेट बैठक ने 14 शहरों में इलेक्ट्रिक एसी बसे चलाने का प्रस्ताव पास किया है। इसके अंतरगत लखनऊ, मेरठ, प्रयागराज, गाजियाबाद, कानपुर, आगरा, वाराणसी, मुरादाबाद, बरेली, अलीगढ़, झांसी, बरेली, मथुरा, गोरखपुर और शाहजहांपुर में इलेक्ट्रिक एसी बसे चलेंगी।