धर्मशाला वनडे:12 हार के बाद श्रीलंका ने चखा जीत का स्वाद,भारत को बुरी तरह से रौंदा 

स्पोर्ट्स डेस्क –धर्मशाला में खेल गए भारत-श्रीलंका के बीच पहले वनडे में आखिर कर श्रीलंका ने जीत का स्वाद चख ही लिया. छह महीने और 12 हार के इंतजार के बाद नए कप्तान के नेतृत्व में श्रीलंका ने भारत के खिलाफ जीत का सूखा खत्म किया. तीन मैचों की वनडे सीरीज के पहले मुकाबले में श्रीलंका ने भारत को सात विकेट से रौंद दिया. सुरंगा अकमल की अगुवाई में श्रीलंका ने पहले भारत को होम ग्राउंड पर न्यूनतम स्कोर 112 पर समेटने के बाद जरूरी लक्ष्य को 176 गेंद पहले तीन विकेट खोकर हासिल कर लिया.   इस जीत के साथ

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December 11, 2017

स्पोर्ट्स डेस्क –धर्मशाला में खेल गए भारत-श्रीलंका के बीच पहले वनडे में आखिर कर श्रीलंका ने जीत का स्वाद चख ही लिया. छह महीने और 12 हार के इंतजार के बाद नए कप्तान के नेतृत्व में श्रीलंका ने भारत के खिलाफ जीत का सूखा खत्म किया.

तीन मैचों की वनडे सीरीज के पहले मुकाबले में श्रीलंका ने भारत को सात विकेट से रौंद दिया. सुरंगा अकमल की अगुवाई में श्रीलंका ने पहले भारत को होम ग्राउंड पर न्यूनतम स्कोर 112 पर समेटने के बाद जरूरी लक्ष्य को 176 गेंद पहले तीन विकेट खोकर हासिल कर लिया.  

इस जीत के साथ श्रीलंका ने तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली.वहीं होम ग्राउंड पर बॉल लेफ्ट के मामले में भारत की ये सबसे बड़ी हार है.भारत के 113 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए श्रीलंका की ओर से उपुल थरंगा ने सर्वाधिक 49 रनों की पारी खेली, वहीं पूर्व कप्तान एंजेलो मैथ्यूज (नाबाद 25) और निरोशन डिकवेला (नाबाद 26) ने चौथे विकेट के लिए 49 रन की अटूट साझेदारी करके टीम को लक्ष्य तक पहुंचाया.

इससे पहले भारतीय टीम धोनी के 87 गेंद में 65 रन के बावजूद 112 रन पर ढेर हो गई. टॉस हारकर बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम के पास तेज गेंदबाजी के अनुकूल हालात में लकमल, प्रदीप और मैथ्यूज (आठ रन पर एक विकेट) की तेज गेंदबाजी तिकड़ी का कोई जवाब नहीं था. भारतीय टीम ने पांच विकेट 16 रन तक ही गंवा दिए थे और उस पर 54 रन के अपने न्यूनतम एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय स्कोर से कम पर आउट होने का खतरा मंडरा रहा था जो इसी टीम के खिलाफ शारजाह में वर्ष 2000 में बना था.

धोनी ने हालांकि जुझारू पारी खेलकर टीम का स्कोर 100 रन के पार पहुंचाया.टीम इंडिया ने एक समय 29 रन पर सात विकेट गंवा दिए थे जिसके बाद धोनी और कुलदीप यादव (19) ने आठवें विकेट के लिए 47 गेंद में 41 रन जोड़कर विकेटों के पतझड़ को रोका. धोनी ने अपनी पारी में 10 चौके और दो छक्के जड़े.