अजगरों के साये में ताजमहल,100 से ज्यादा अजगरों ने जमाया डेरा

आगरा — ताजनगरी आगरा व ताजमहल के आस-पास के गांवों में सैकड़ों अजगरों ने अपना बसेरा बना लिया है. पिछले एक महीने की बात की जाए ताजमहल के आसपास के करीब 25 किलोमीटर के इलाके में अजगर ही अजगर दिखाई दे रहे हैं. इस दौरान करीब सौ से भी ज्यादा अजगर शहर से लेकर देहात तक देख गए. अगर अन्य सांपों को भी जोड़ लिया जाए तो करीब दो सौ से ज्यादा सांपों को वाइल्ड लाइफ संस्था के द्वारा रेस्क्यू किया गया है. दरअसल, आगरा के आसपास का इलाका शुरू से ही अजगरों के लिए मुफीद रहा है. यही कारण

Written By :

SK Sharma

Updated

October 23, 2019

आगरा — ताजनगरी आगरा व ताजमहल के आस-पास के गांवों में सैकड़ों अजगरों ने अपना बसेरा बना लिया है. पिछले एक महीने की बात की जाए ताजमहल के आसपास के करीब 25 किलोमीटर के इलाके में अजगर ही अजगर दिखाई दे रहे हैं. इस दौरान करीब सौ से भी ज्यादा अजगर शहर से लेकर देहात तक देख गए. अगर अन्य सांपों को भी जोड़ लिया जाए तो करीब दो सौ से ज्यादा सांपों को वाइल्ड लाइफ संस्था के द्वारा रेस्क्यू किया गया है.

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दरअसल, आगरा के आसपास का इलाका शुरू से ही अजगरों के लिए मुफीद रहा है. यही कारण है कि जुलाई महीने से अजगरों का रुख आबादी वाले क्षेत्रों में शुरू हो जाता है और यह क्रम अक्टूबर तक चलता रहता है. खास बात यह है कि आगरावासी अजगर को मारते नहीं बल्कि उसे पकड़कर जंगलों में छोड़ देते हैं. विशेषज्ञ बताते हैं कि बारिश शुरू होने के साथ ही अजगर यमुना के किनारे के घने जंगलों को छोड़ इधर-उधर भागना शुरू कर देते हैं. जंगलों से सटे हाइवे, फैक्ट्री एरिया और ताजमहल, कॉलोनियों, बाजारों में पहुंच जाते हैं.

गौरतलब है कि पर्यटन स्थल महताब बाग से ताजमहल देखने के लिए हर दिन हजारों की संख्या में पर्यटक आते हैं. पिछले दिनों महताब बाग में भी दो बार अजगर निकला जिसे रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ दिया गया.