शर्मनाक: मिडडे मील के नाम पर बच्चों को परोसी जा रही नमक-रोटी

मिर्जापुर — उत्तर प्रदेश के मिर्ज़ापुर जिले के प्राथमिक विद्यालय में मिड डे मील के दौरान बच्चों को नमक व रोटी खिलाने का मामला सामने आया है। सरकारी स्कूलों में चल रही मिडडे मिल व्यवस्था की यह शर्मनाक तस्वीर सामने के बाद अधिकारियों  में अफरा तफरी मच गई है। दरअसल मामला अहरौरा स्थित ग्रामसभा हिनौता के सीयूर प्राथमिक विद्यालय का है जहां बच्चों को मिडडे मील के लिए दोपहर में बच्चों की थाली में नमक और सूखी रोटी परोसी गई जिसके बाद बच्चो ने रोटी में नमक लगाकर खाया. बता दें इस स्कूल में करीब 100 बच्चे पढ़ते हैं.वहीं स्कूल

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August 23, 2019

मिर्जापुर — उत्तर प्रदेश के मिर्ज़ापुर जिले के प्राथमिक विद्यालय में मिड डे मील के दौरान बच्चों को नमक व रोटी खिलाने का मामला सामने आया है। सरकारी स्कूलों में चल रही मिडडे मिल व्यवस्था की यह शर्मनाक तस्वीर सामने के बाद अधिकारियों  में अफरा तफरी मच गई है।

दरअसल मामला अहरौरा स्थित ग्रामसभा हिनौता के सीयूर प्राथमिक विद्यालय का है जहां बच्चों को मिडडे मील के लिए दोपहर में बच्चों की थाली में नमक और सूखी रोटी परोसी गई जिसके बाद बच्चो ने रोटी में नमक लगाकर खाया.

बता दें इस स्कूल में करीब 100 बच्चे पढ़ते हैं.वहीं स्कूल में पढ़ाने वाली महिला शिक्षा मित्र का कहना है की यह देखकर अच्छा नहीं लग रहा, पर मजबूरी है. टीचर भी स्वीकार कर रहे हैं कि लंबे समय से मिडडे मिल को लेकर दुर्व्यवस्था है. इसका स्थानीय लोग भी विरोध कर चुके हैं. मगर कोई नहीं सुनता है इसलिए व्यवस्था नहीं हो पाती है. मजबूरन बच्चों को यही खाना दिया जाता है.

उधर मामले की जानकारी होते ही शिक्षा विभाग हरकत में आया और खंड शिक्षाधिकारी से तत्काल जांच कराई गई. जांच रिपोर्ट के आधार पर विद्यालय का प्रभार देख रहे शिक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है.

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश भर में 1.5 लाख से अधिक प्राइमेरी और मिडल स्कूल में मिड-डे मील मुहैया करवा रही है. इस स्कीम के तहत 1 करोड़ से अधिक बच्चों को योजना का लाभ दिया जाना है.जिसमें प्रति दिन कम से कम 12 ग्राम प्रोटीन भी शामिल होना चाहिए यह भोजन प्रत्येक बच्चे को वर्ष में कम से कम 200 दिन परोसा जाना चाहिए.