सीएम योगी के दावों की खुली पोल,मोबाइल की रोशनी में हो रहा मरीजों का इलाज 

हाथरस — यूपी के मुख्यमंत्री स्वास्थ सेवाओं को ठीक करने के लाख दावे कर ले लेकिन जमीनी हकीकत तो कुछ और ही नजर आती है। ऐसी ही स्वास्थ विभाग की लापरवाही यहाँ देखने को मिली। यूपी के हाथरस में बांगला जिला अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं वेल्टीनेटर पर अस्पताल के वार्ड और इमर्जेन्सी से भागे मरीज और उनके तीमारदार,जिला अस्पताल की बिजली आपूर्ति लगभग 5 घंटो से ठप हो जाने के कारण अस्पताल में भर्ती मरीज गर्मी की वजह से अस्पताल के वार्ड और इमर्जेन्सी से निकलकर बहार भागे। जिला अस्पताल में रखा जनरेटर भी ख़राब पड़ा हुआ है। अस्पताल में

Written By :

admin

Updated

August 23, 2019

हाथरस — यूपी के मुख्यमंत्री स्वास्थ सेवाओं को ठीक करने के लाख दावे कर ले लेकिन जमीनी हकीकत तो कुछ और ही नजर आती है। ऐसी ही स्वास्थ विभाग की लापरवाही यहाँ देखने को मिली।

यूपी के हाथरस में बांगला जिला अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं वेल्टीनेटर पर अस्पताल के वार्ड और इमर्जेन्सी से भागे मरीज और उनके तीमारदार,जिला अस्पताल की बिजली आपूर्ति लगभग 5 घंटो से ठप हो जाने के कारण अस्पताल में भर्ती मरीज गर्मी की वजह से अस्पताल के वार्ड और इमर्जेन्सी से निकलकर बहार भागे।

जिला अस्पताल में रखा जनरेटर भी ख़राब पड़ा हुआ है। अस्पताल में तैनात डॉक्टर भी मोबाईल की रोशनी में स्ट्रेचर पर ही गंभीर मरीजों का इलाज करने को मजबूर हो गये। भीषण गर्मी से अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती मरीजों का बुरा हाल कर दिया अस्पताल के वार्ड और इमर्जेन्सी से मरीज निकालकर भागे। वही बहार स्ट्रैचर पर पड़े मरीज के साथ आये तीमारदार अपने हाथो में पंखा लेकर बीमार की हवा करते नजर आये। इमरजेंसी में भर्ती अपने मरीजों को तीमारदार स्ट्रेचर पर खुद ही लेकर आये नहीं दिखा अस्पताल का कोई भी कर्मचारी। 

वही जिला बागला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक से इस बारे में पूँछा गया तो उन्होंने अभद्र भाषा में कहा कि जनरेटर फ़ैल हो गया चलते चलते में पूंछ कर बता पाऊंगा बाद में बताएँगे बिजली ठीक करा रहे है आपकी बाईट के लिये नहीं है बाध्य हम तुम्हरे को क्या पता तुम अपने घर बैठे हो।

जिला अस्पताल की इमर्जेन्सी में तैनात डॉक्टरों का कहना है की मेरी ड्यूटी अभी शुरू हुई है देख रहा हूँ यहाँ लाइट की कोई व्यवस्था नहीं है शायद जनरेटर ख़राब हो गया है मरीज गर्मी से बेहाल है जितना संभव है मरीजों का इलाज मोमबत्ती और मोबाईल की लाइट से इलाज किया जा रहा है। 

वही अस्पताल में मरीज को इलाज लिए आये मरीज के तीमारदार का कहना है की चार घंटे से लाइट नहीं है शाम से अंदर गर्मी है इमर्जेन्सी में कोई भी स्वास्थ कर्मी  किस से शिकायत करे। 

(रिपोर्ट- सूरज मौर्या,हाथरस)