महिला अस्पताल से भगाया, गर्भवती ने रिक्शे पर नवजात को दिया जन्म

हाथरस–यूपी के हाथरस जिले में एक बार फिर मानवता को शर्मसार करने वाला मामला देखने को मिला। प्रदेश के मुख्यमंत्री स्वास्थ व्यवस्थाओ को सुधारने के लाख दावे करले लेकिन वो सब कागजी नजर आ रहे है।      मामला थाना सदर कोतवाली क्षेत्र के लाला के नगला निवासी चमन ने अपनी पत्नी रायमिन को प्रसव पीड़ा होने पर शनिवार को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। उसके अनुसार उसकी पत्नी को भर्ती तो कर लिया गया,लेकिन रविवार दोपहर तक कोई उपचार नहीं दिया गया। जब इस संबंध में यहां तैनात डॉक्टर मंजू  से चमन ने बात की तो उन्होंने कह दिया

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August 12, 2019

हाथरस–यूपी के हाथरस जिले में एक बार फिर मानवता को शर्मसार करने वाला मामला देखने को मिला। प्रदेश के मुख्यमंत्री स्वास्थ व्यवस्थाओ को सुधारने के लाख दावे करले लेकिन वो सब कागजी नजर आ रहे है।     

मामला थाना सदर कोतवाली क्षेत्र के लाला के नगला निवासी चमन ने अपनी पत्नी रायमिन को प्रसव पीड़ा होने पर शनिवार को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। उसके अनुसार उसकी पत्नी को भर्ती तो कर लिया गया,लेकिन रविवार दोपहर तक कोई उपचार नहीं दिया गया। जब इस संबंध में यहां तैनात डॉक्टर मंजू  से चमन ने बात की तो उन्होंने कह दिया कि अभी उसे दर्द तक नहीं हो रहा है। अभी ले जाओ बाद में लाना। इस पर परिजन उसे रेड़ी रिक्शे से एक निजी डॉक्टर के यहां ले जा रहे थे। जैसे ही परिजन उसे लेकर महिला जिला अस्पताल से 10 मीटर की दूरी पर पहुंचे तो प्रसव पीड़िता रायमीन को सड़क पर ही रिक्शे में प्रसव होने लगा।

पीड़ित रायमीन के साथ मौजूद उसके परिजनों ने उसका सड़क किनारे क्राइम ब्रांच कार्यलय में रिक्शे में ही प्रसव कराया और पीड़ित महिला ने एक बच्चे को जन्म दे दिया। स्थानीय महिलाओं की मदद से सकुशल बच्चे को जन्म दिया। अस्पताल को जानकारी होने पर आनन फानन में प्रसूता को महिला अस्पताल में ले गये। वही पीड़ित के पति का आरोप है की डॉक्टरों ने इलाज नहीं किया और हमसे बदसलूकी की गई कहा गया की और अस्पातल से यह कह कर भगा दिया गया कि अभी दर्द नहीं हो रहे ज्यादा कुछ कहा तो यह कहा गया किया हम इलाज नहीं कर रहे यहाँ मुस्लिम का इलाज नहीं होता। 

(रिपोर्ट-सूरज मौर्या, हाथरस)