इलाहाबादःइस बार माघ मेला होगा हाईटेक,भीड़ की ऑनलाइन मॉनिटरिंग करेगा गूगल 

इलाहाबाद –- संगम नगरी इलाहाबाद में लगने वाले माघ में मेले में इस बार मेले में भीड़ की ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जाएंगी। जिसके लिए मॉडर्न कंट्रोल रूम बनाए जाने की योजना है।यह तैयारी जनवरी 2018 में संगम लगने वाले माघ मेले अर्द्धकुंभ का ट्रायल मानकर की जा रही है। इसके लिए कंट्रोल रूम करीब 1800 बीघे में बसने वाले मेले के मुख्य चौराहों, स्नान घाटों और हाईमॉस्ट के समीप लगने वाले सीसीटीवी कैमरों से जुड़ा जाएगा। बता दें कि परेड ग्राउंड स्थित माघ मेला कार्यालय परिसर में मॉडर्न कंट्रोल रूम बनाया जाना है। परिसर की एक बिल्डिंग को गिरवाकर नए भवन

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November 24, 2017

इलाहाबाद –- संगम नगरी इलाहाबाद में लगने वाले माघ में मेले में इस बार मेले में भीड़ की ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जाएंगी। जिसके लिए मॉडर्न कंट्रोल रूम बनाए जाने की योजना है।यह तैयारी जनवरी 2018 में संगम लगने वाले माघ मेले अर्द्धकुंभ का ट्रायल मानकर की जा रही है।

इसके लिए कंट्रोल रूम करीब 1800 बीघे में बसने वाले मेले के मुख्य चौराहों, स्नान घाटों और हाईमॉस्ट के समीप लगने वाले सीसीटीवी कैमरों से जुड़ा जाएगा। बता दें कि परेड ग्राउंड स्थित माघ मेला कार्यालय परिसर में मॉडर्न कंट्रोल रूम बनाया जाना है। परिसर की एक बिल्डिंग को गिरवाकर नए भवन का निर्माण कराया जा रहा है।

इस पर करीब 170.75 लाख रुपये की लागत आएगी। इस भवन में मीटिंग हॉल और रिकार्ड रूम होगा। प्रयागराज प्राधिकरण कार्यालय के भी इसी भवन में संचालित होने की उम्मीद है। अगर समय रहते बिल्डिंग नहीं बनती है तो मेला कार्यालय भवन में ही मॉडर्न कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा। भवन बनने पर उसे स्थायी रूप से शिफ्ट कर दिया जाएगा।

अद्र्धकुंभ में भी यही मॉडर्न कंट्रोल रूम कार्य करेगा। मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की गणना और सटीक हो, इसके लिए सर्च इंजन गूगल से संपर्क साधा गया है। डीएम सुहास एलवाइ ने इस दिशा में पहल की है। बताते चलें कि अब तक प्रशासन अनुमान के आधार पर ही श्रद्धालुओं की संख्या बताता था। माघ मेला अधिकारी राजीव राज का कहना है कि रेडियो पुलिस की मदद से माडर्न कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा। इसमें प्रशिक्षित कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी। श्रद्धालुओं की गणना के लिए गूगल कौन सी तकनीक अपनाएगा, ये अभी साफ नहीं है। 

इसके अलावा मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के भटकने के मामले हर बार होते हैं। भूल भटके लोगों के चेहरे, मेला क्षेत्र में चौराहों पर लगी एलसीडी स्क्रीनों पर दिखाई दें, इसके लिए एलसीडी से भूले-भटके शिविरों को भी जोडऩे की योजना है।इस योजना के माध्यम से कई सारी समस्यों को हल करने की तैयारी की जा रही है।