इन मुस्लिम परिवारों के लिए नहीं हैं कोई ‘मजहब’ की दीवार

मेरठ –यूपी के मेरठ में कहीं मंदिर – मस्जिद के नाम पर फसाद तो कहीं धर्म के नाम पर मजहबी झगड़े, लेकिन कई मुस्लिम ऐसे भी हैं जिनको कांवड़ मेला का पूरे साल इंतजार रहता है। ऐसे लोगो को न तो धर्म से मतलब है और न ही इनको किसी मजहब की इतनी समझ। वही मेरठ में कांवड़ यात्रा के दौरान अनोखे नजारे देखने को मिल रहे हैं। और ये नजारे किसी  मिसाल से काम नहीं हैं। विशेष समुदाय के लोग जगह-जगह कांवड़ियों की सेवा में लगे हैं  कोई भंडारों में कांवड़ियों की निस्वार्थ भाव से सेवा कर रहा हैं

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July 29, 2019

मेरठ –यूपी के मेरठ में कहीं मंदिर – मस्जिद के नाम पर फसाद तो कहीं धर्म के नाम पर मजहबी झगड़े, लेकिन कई मुस्लिम ऐसे भी हैं जिनको कांवड़ मेला का पूरे साल इंतजार रहता है। ऐसे लोगो को न तो धर्म से मतलब है और न ही इनको किसी मजहब की इतनी समझ।

वही मेरठ में कांवड़ यात्रा के दौरान अनोखे नजारे देखने को मिल रहे हैं। और ये नजारे किसी  मिसाल से काम नहीं हैं। विशेष समुदाय के लोग जगह-जगह कांवड़ियों की सेवा में लगे हैं  कोई भंडारों में कांवड़ियों की निस्वार्थ भाव से सेवा कर रहा हैं तो कोई काम कांवर के डीजे पर भोले का नाम लेकर नाच रहा है।

इन तस्वीरों में आप साफ़ देख सकते हैं कि विशेष समुदाय के कुछ लोग कांवड़ यात्रा में कांवड़ियों के साथ गानों पर फिराक रहे हैं यह नजारा मेरठ के सदर थाना क्षेत्र के रोडवेज बस अड्डे का है इन लोगों के नाचने के दौरान सबकी निगाहें इन पर ही थी।

(रिपोर्ट- प्रदीप शर्मा-मेरठ)