मोदी सरकार का बड़ा दांव, गरीब सवर्णों के लिए 10% आरक्षण को मंजूरी

नई दिल्ली–लोकसभा चुनाव 2019 से पहले केन्द्र की मोदी सरकार ने सवर्णों को एक बड़ी सौगात दी है, जिसके तहत अब सवर्णों को भी सरकारी नौकरी में 10 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिलेगा। केंद्र सरकार आरक्षण के इस नए फॉर्म्युले को लागू करने के लिए आरक्षण का कोटा बढ़ाएगी। बता दें कि भारतीय संविधान में आर्थिक आधार पर आरक्षण की कोई व्यवस्था नहीं है। ऐसे में सरकार के पास गेमचेंजर माने जा रहे मूव को अमलीजामा पहनाने के लिए संविधान संशोधन ही एकमात्र रास्ता है। सूत्रों के मुताबिक आरक्षण का कोटा मौजूदा 49.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 59.5 प्रतिशत किया जाएगा।

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January 7, 2019

नई दिल्ली–लोकसभा चुनाव 2019 से पहले केन्द्र की मोदी सरकार ने सवर्णों को एक बड़ी सौगात दी है, जिसके तहत अब सवर्णों को भी सरकारी नौकरी में 10 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिलेगा।

केंद्र सरकार आरक्षण के इस नए फॉर्म्युले को लागू करने के लिए आरक्षण का कोटा बढ़ाएगी। बता दें कि भारतीय संविधान में आर्थिक आधार पर आरक्षण की कोई व्यवस्था नहीं है। ऐसे में सरकार के पास गेमचेंजर माने जा रहे मूव को अमलीजामा पहनाने के लिए संविधान संशोधन ही एकमात्र रास्ता है। सूत्रों के मुताबिक आरक्षण का कोटा मौजूदा 49.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 59.5 प्रतिशत किया जाएगा। इसमें से 10 फीसदी कोटा आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों के लिए होगा। बता दें कि लंबे समय से आर्थिक रूप से पिछड़े सवर्णों के लिए आरक्षण की मांग की जा रही थी। 

मीडिया रिपोर्ट की मानें तो जिन लोगों की पारिवारिक आय 8 लाख रुपये सालाना से कम है उन्हें ही इसका फायदा मिलेगा। इसके साथ ही इसके लिए शहर में 1000 स्क्वेयर फीट से छोटे मकान और 5 एकड़ से कम की कृषि भूमि की शर्त भी रखे जाने की खबरें हैं।