विश्व में पहली बार ‘ऑनलाइन रेप’ पर हुई सजा

न्यूज डेस्क — स्वीडन की एक अदालत ने ‘ऑनलाइन रेप’ का दोषी पाए जाने पर पहली बार 41 साल के ब्योर्न सैमस्ट्रोम को 10 साल जेल की सजा सुनाने का आदेश दिया है। बता दें कि ऐसा पहली बार हुआ है जब  किसी शख्स को ‘ऑनलाइन रेप’ करने के आरोप में सजा सुनाई गई हो।     ब्योर्न पर इल्जाम है कि वह अमरीका, कनाडा और यूके के 26 बच्चों को वेबकैम के सामने कई तरह की यौन क्रियाएं करने के लिए कहता था। अगर बच्चे ऐसा करने से मना करते तो ब्योर्न उनके परिवार को मारने और उनके वीडियो को

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December 7, 2017

न्यूज डेस्क — स्वीडन की एक अदालत ने ‘ऑनलाइन रेप’ का दोषी पाए जाने पर पहली बार 41 साल के ब्योर्न सैमस्ट्रोम को 10 साल जेल की सजा सुनाने का आदेश दिया है। बता दें कि ऐसा पहली बार हुआ है जब  किसी शख्स को ‘ऑनलाइन रेप’ करने के आरोप में सजा सुनाई गई हो।  

 

ब्योर्न पर इल्जाम है कि वह अमरीका, कनाडा और यूके के 26 बच्चों को वेबकैम के सामने कई तरह की यौन क्रियाएं करने के लिए कहता था। अगर बच्चे ऐसा करने से मना करते तो ब्योर्न उनके परिवार को मारने और उनके वीडियो को पॉर्न वेबसाइट पर डालने की धमकी दिया करता था।  ये सारी घटनाएं 2015 से 2017 के शुरुआती महीनों के बीच हुईं।

15 साल से भी कम उम्र की लड़कियां थी शामिल

 ब्योर्न का जुर्म अलग इसलिए है क्योंकि वे न कभी इन बच्चों से मिले और न ही उन्होंने कभी इनके साथ शारीरिक संबंध बनाए। इनमें से ज्यादातर 15 साल से भी कम उम्र की लड़कियां हैं।अदालत में इसके अलावा ब्योर्न पर चाइल्ड पोर्नोग्राफी का मामला भी दर्ज किया गया क्योंकि उसने बच्चों की यौन क्रियाओं को अपने कम्प्यूटर पर रिकॉर्ड कर रखा था।

इस मामले में वादी अनिका वैनरस्टोम के मुताबिक़, यह यौन हिंसा करने वाले की कल्पनाओं पर निर्भर करता है। तकनीक की कोई सीमा नहीं होती इसलिए हमें मामले के हिसाब से सोचना चाहिए कि कौन सा काम यौन हिंसा में आ सकता है। इस मामलें में जरुरी नहीं कि हर मामला शारीरिक ज़ोर-ज़बरदस्ती का ही हो। 

26 में से 18 पीड़ित बच्चों से की पूछताछ 

20 दिन तक चले इस मुकद्दमें 26 पीड़ित बच्चों में से 18 के साथ पूछताछ की गई। बाकी बच्चों की पहचान नहीं छिपाई गई है। ब्योर्न ने अदालत में ये तो माना उसने  बच्चों से यौन क्रियाएं करवाई गईं लेकिन उसने ख़ुद के इस मामले में शामिल होने से मना कर दिया। आपको बतां दे कि इससे मिलता-जुलता एक मामला पहले भी सामने आया था जिसमें 2011 में मेक्सिको के लुईस मियांगोस को सॉफ्टवेयर के जरिए किशोरों का यौन शोषण करने के आरोप में 6 साल की सजा सुनाई गई थी।