पिछड़े वर्ग के छात्रों के साथ भेदभाव कर रही यूपी सरकार !

हरदोई — उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अनूसुचित जाति/जनजाति सामान्य वर्ग/पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति हेतु बजट आवंटित किया गया जिसमें समान्य वर्ग छात्र-छात्रओं की संख्या पूरे उत्तर प्रदेश में 7 लाख है।जहां सामान्य वर्ग के लिए बजट 690 करोड़ रूपया की व्यवस्था सरकार द्वारा कराई गई वही पर पिछड़े वर्ग के छात्र-छात्राओं की संख्या पूरे उत्तर प्रदेश में 21 लाख है। जबकि पिछड़े वर्ग के लिए सरकार मात्र 600 करोड़ धनराशि की व्यस्था की गई है। बता दें कि पिछले वर्ष 2018-19 में छात्रों की सख्या 18.5 लाख थी 2019-20 में पिछड़े वर्ग के छात्र-छात्राओं की संख्या बढ़कर 21

Written By :

SK Sharma

Updated

January 28, 2020

हरदोई — उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अनूसुचित जाति/जनजाति सामान्य वर्ग/पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति हेतु बजट आवंटित किया गया जिसमें समान्य वर्ग छात्र-छात्रओं की संख्या पूरे उत्तर प्रदेश में 7 लाख है।जहां सामान्य वर्ग के लिए बजट 690 करोड़ रूपया की व्यवस्था सरकार द्वारा कराई गई वही पर पिछड़े वर्ग के छात्र-छात्राओं की संख्या पूरे उत्तर प्रदेश में 21 लाख है। जबकि पिछड़े वर्ग के लिए सरकार मात्र 600 करोड़ धनराशि की व्यस्था की गई है।

बता दें कि पिछले वर्ष 2018-19 में छात्रों की सख्या 18.5 लाख थी 2019-20 में पिछड़े वर्ग के छात्र-छात्राओं की संख्या बढ़कर 21 लाख हो गई है। सरकार की नीति है प्रति वर्ष 10 प्रतिशत से 15 प्रतिशत बजट बढ़ानें का प्रावधान है लेकिन बजट आवंटित 2019-20 में छात्र-छात्राओं की संख्या 21 लाख हो गई। और सरकार द्वारा पिछड़े वर्ग का बजट बढ़ाने के बजाय 278 करोड़ रूपया कम कर दिया। जिसके वजह से 20 प्रतिशत ही पिछड़े वर्ग के छात्रों को शुल्क प्रतिपूर्ति सरकार दे रही है। वही पर सामान्य वर्ग के छात्र-छात्राओं को 85 प्रतिशत शुल्क प्रतिपूर्ति सरकार दे रही है।

अनूसुचित जाति/जनजाति के छात्र-छात्राओं का वार्षिक आय 2.50 लाख रूपया है वही पर सामान्य वर्ग एवं पिछड़ा वर्ग का 2 लाख है। सरकार दलितों के साथ भेदभाव क्यो कर रही है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सामान्य वर्ग के वर्श 2019-20 में 7 लाख छात्र-छात्राओं को 609 करोड़ का बजट दिया है। उस हिसाब से पिछड़ा वर्ग के वर्ष 2019-20 में 21 लाख छात्र-छात्राओं को 600 करोड़ वजट दिया है। जबकी छात्र-छात्राओं की संख्या के हिसाब से पिछड़ा वर्ग का बजट 2070 करोड़ रूपया होना चाहिए ।

पिछड़े वर्ग के छात्र-छात्राओं को आई.टी.आई.में 20 हजार, बी.काम मे 10 हजार रूपया बी.एड में 30 हजार. बी.टेक, एम टेक में 50 हजार रूपया भाजपा सरकार दे रही है। वही पर समान्य वर्ग को सभी पाठयक्रमों में 50 हजार रूपया प्रति छात्र-छात्राओं को दे रही है।पिछड़े वर्ग छात्रों करो विचार-पिछड़ी जाति के नेता अपने स्वार्थ में है लाचार
सरकार व विपक्ष के किसी वर्ग के नेताओं का ध्यान आपकी तरफ नहीं है।

जिसको लेकर उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार द्वारा सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी मांग करती है कि पिछड़े वर्ग के छात्र-छात्राओं की संख्या के हिसाब से 2070 करोड़ रूपया तत्काल बजट जारी करे नही तो पार्टी प्रदेश व्यापी आन्दोलन करेगी । सरकार पिछड़ों का ध्यान सी.एए.एनआरसी.पर कराकर शिक्षा,स्वास्थ्य,बेरोजगारी,महंगाई से ध्यान भटकानें में लगी है सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी इसको कभी बर्दास्त नहीं करेगी।