यूपी बोर्ड: नकल पर नकेल के लिए अब ‘बी कॉपियों’ का बदलेगा रंग

न्यूज डेस्क — यूपी बोर्ड परीक्षाओं को लेकर लगातार बड़े बदलावों का दौर जारी है। इसी क्रम में अब नकल पर नकेल कसने और उत्तर पुस्तिका बदलने के खेल पर लगाम लगाने के लिए बड़ा फैसला किया गया है। इसके तहत 10 वीं और 12वीं की ‘बी कॉपियों’ में पहले ‘ए कॉपी’ की ही तरह कोडिंग लागू कर दी गई है। इसके अलावा बी कॉपियों के रंग को भी लाल, पीले, हरे व नीले रंग कर दी गई है। बता दें कि 18 फरवरी से शुरू होने वाली परीक्षाओं के लिए जल्द ही कॉपियों को केंद्र पर भेजना शुरू हो

Written By :

SK Sharma

Updated

February 11, 2020

न्यूज डेस्क — यूपी बोर्ड परीक्षाओं को लेकर लगातार बड़े बदलावों का दौर जारी है। इसी क्रम में अब नकल पर नकेल कसने और उत्तर पुस्तिका बदलने के खेल पर लगाम लगाने के लिए बड़ा फैसला किया गया है। इसके तहत 10 वीं और 12वीं की ‘बी कॉपियों’ में पहले ‘ए कॉपी’ की ही तरह कोडिंग लागू कर दी गई है। इसके अलावा बी कॉपियों के रंग को भी लाल, पीले, हरे व नीले रंग कर दी गई है।

बता दें कि 18 फरवरी से शुरू होने वाली परीक्षाओं के लिए जल्द ही कॉपियों को केंद्र पर भेजना शुरू हो जाएगा। नकलविहीन परीक्षाओं के लिए यूपी बोर्ड ने जहां एक तरफ केंद्रों पर सीसीटीवी के साथ राउटर लगाया है वहीं इनकी लाइव निगरानी के लिए कंट्रोल रूम से सभी केंद्रों को जोड़ दिया गया है। इसके साथ ही बोर्ड ने हाईस्कूल की ‘बी कॉपियों’ के रंग को काला से नीला और इंटर की कॉपियों को लाल से हरा कर दिया है।

गौरतलब है कि गत वर्ष तक हाईस्कूल की ए और बी कॉपी का रंग काला ही था। वहीं इंटर की कॉपियों का लाल था। बोर्ड परीक्षाओं के दौरान अक्सर कॉपियों के बदले जाने या दूसरी जगह बैठकर पेपर देने वाले मामले लगातार सामने आते हैं। वहीं यूपी बोर्ड व्यवस्था में बदलाव की तैयारी कर रहा था। अब इसे अंतरिम रूप देकर सत्र 2019-20 से लागू कर दिया है।

आधार नंबर के कारण घटे परीक्षार्थी

आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2020 में बोर्ड परीक्षा में हाई स्कूल में कुल 30 लाख 22,607 एवं इंटरमीडिएट में कुल 25 लाख 84,511 छात्र सम्मिलित होंगे। सम्मिलित हो रहे कुल 56 लाख 7,118 परीक्षार्थियों में से 55 लाख 16,787 संस्थागत और 90,331 व्यक्तिगत परीक्षार्थी शामिल हैं। आधार नंबर के साथ ऑनलाइन अग्रिम पंजीकरण कराने से व्यक्तिगत परीक्षार्थियों की संख्या काफी घटी है। इस वर्ष यह मात्र 90,331 रह गई जबकि 2017 में यह संख्या 3 लाख 53 हजार 106 थी। बाहरी प्रदेशों से 2017 में पंजीकरण कराने वाले एक लाख 50,209 परीक्षार्थियों के स्थान पर वर्ष 2020 में परीक्षार्थियों की संख्या मात्र 5946 रह गई है।