…और 26 जनवरी से पहले ही हो गई ‘तिरंगा’ की कमी, जानें कारण

हैदराबाद–आमतौर पर गणतंत्र दिवस और स्‍वतंत्रता दिवस से पहले तिरंगे की मांग तेज होती है लेकिन पिछले 15 दिन से पूरे देश से तिरंगे की मांग तेज हो गई है। दरअसल हैदराबाद में नागरिकता संशोधन कानून को लेकर तिरंगा रैलियों का दौर जारी हो गया है। तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में नागरिकता संशोधन कानून को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शनों में इसके समर्थक और विरोधी दोनों ही अपनी रैलियों में तिरंगा लेकर चल रहे हैं जिससे 26 जनवरी से ठीक पहले झंडे की कमी हो गई है। हैदराबाद में तिरंगे की आपूर्ति करने वाले लोगों का मानना है कि अगले

Written By :

Shweta Singh

Updated

January 9, 2020

हैदराबाद–आमतौर पर गणतंत्र दिवस और स्‍वतंत्रता दिवस से पहले तिरंगे की मांग तेज होती है लेकिन पिछले 15 दिन से पूरे देश से तिरंगे की मांग तेज हो गई है। दरअसल हैदराबाद में नागरिकता संशोधन कानून को लेकर तिरंगा रैलियों का दौर जारी हो गया है।

तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में नागरिकता संशोधन कानून को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शनों में इसके समर्थक और विरोधी दोनों ही अपनी रैलियों में तिरंगा लेकर चल रहे हैं जिससे 26 जनवरी से ठीक पहले झंडे की कमी हो गई है।

हैदराबाद में तिरंगे की आपूर्ति करने वाले लोगों का मानना है कि अगले दो दिनों में मांग में और ज्‍यादा तेजी आ सकती है क्‍योंकि 10 जनवरी को असदुद्दीन ओवैसी की मीर आलम ईदगाह से शास्‍त्रीपुरम तक विशाल रैली है। ओवैसी ने ऐलान किया है कि वह चारमीनार पर तिरंगा लहराएंगे और उन्‍होंने 10 गुणे 30 फुट लंबा तिरंगा बनाने का ऑर्डर दिया है। मांग को देखते हुए 15 रुपये के झंडे का दाम 30 और 30 रुपये के झंडे को 50 रुपये में बेचा जा रहा है।