सरकारी आवास बचाने के लिए नहीं चल पाया मायावती का यह दांव…

लखनऊ– बसपा सुप्रीमो मायावती ने सरकारी बंगला खाली करने के आदेश के बाद अपने आशियाने को बचाने की कवायद शुरू कर दी है। इसी क्रम में उन्होंने अपने सरकारी आवास 13ए माल एवेन्यू पर ‘कांशीराम यादगार विश्राम स्थल’ का बोर्ड लगवा दिया है। मायावती अपनी इस कवायद से बंगला बचाने में जुटी हुई हैं। बीएसपी प्रमुख मायावती ने भले सरकारी बंगले पर ‘कांशीराम जी यादगार विश्राम स्थल’ का बोर्ड लगवा दिया हो, लेकिन सरकार इसे भी खाली करवाने के मूड में है। हालांकि, बीएसपी की ओर से यादगार विश्राम स्थल के लिए इस आवास को आवंटित करने संबंधी कोई आवेदन नहीं

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May 22, 2018

लखनऊ– बसपा सुप्रीमो मायावती ने सरकारी बंगला खाली करने के आदेश के बाद अपने आशियाने को बचाने की कवायद शुरू कर दी है। इसी क्रम में उन्होंने अपने सरकारी आवास 13ए माल एवेन्यू पर ‘कांशीराम यादगार विश्राम स्थल’ का बोर्ड लगवा दिया है।

मायावती अपनी इस कवायद से बंगला बचाने में जुटी हुई हैं। बीएसपी प्रमुख मायावती ने भले सरकारी बंगले पर ‘कांशीराम जी यादगार विश्राम स्थल’ का बोर्ड लगवा दिया हो, लेकिन सरकार इसे भी खाली करवाने के मूड में है। हालांकि, बीएसपी की ओर से यादगार विश्राम स्थल के लिए इस आवास को आवंटित करने संबंधी कोई आवेदन नहीं किया गया है। राज्य सम्पत्ति विभाग ने अगस्त 2016 में ही कांशीराम यादगार विश्राम स्थल के नाम से आवंटित इस आवास का आधा हिस्सा ट्रस्ट के नाम आवंटित करने से मना कर दिया था। इसके बाद यह पूरा बंगला (13 ‘ए ’माल एवेन्यू) पूर्व सीएम के तौर पर मायावती को आवंटित कर दिया गया था। 

पार्टी सूत्रों का कहना है कि उन्होंने अपने लिए नए निजी मकान का इंतजाम कर लिया है, लेकिन सरकारी बंगले पर भी कब्जा बरकरार रखना चाहती हैं। इसके लिए वह खुद भी यह तर्क देती रही हैं कि उनका आवास कांशीराम जी का विश्राम स्थल भी है। इसके बड़े हिस्से में कांशीराम का संग्रहालय है और दीवारों पर मूर्तियां लगी हुई हैं। वह इसके एक छोटे से हिस्से में ही रहती हैं। मायावती की कोशिश है कि छोड़ना भी पड़े तो कुछ कमरे खाली कर देंगी, लेकिन कांशीराम के नाम पर आवास पर कब्जा बरकरार रहे।