इन महिलाओं ने घर की दहलीज लांघकर किया ये काम, हुईं पुरस्कार के लिए चयनित

बहराइच — यूपी सरकार ने रानी लक्ष्मीबाई वीरता पुरस्कार के लिए पूरे प्रदेश की 100 महिला ग्राम प्रधानों को चयनित किया है। इसमें जिले की दो महिला प्रधान भी शामिल हैं। इन महिला प्रधानों ने घर की दहलीज लांघकर विकास को गति देने का काम किया है। इन सभी को जल्द ही लखनऊ में होने वाले कार्यक्रम में बुलाकर सम्मानित किया जाएगा।  योगी सरकार ने रानी लक्ष्मीबाई वीरता पुरस्कार देने का निर्णय लिया है। इसके लिए पूरे प्रदेश से पंचायती राज विभाग को बेहतर काम करने वाली महिला ग्राम प्रधानों को चयनित किए जाने का निर्देश जारी किया गया था। पंचायती

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March 15, 2018

बहराइच — यूपी सरकार ने रानी लक्ष्मीबाई वीरता पुरस्कार के लिए पूरे प्रदेश की 100 महिला ग्राम प्रधानों को चयनित किया है। इसमें जिले की दो महिला प्रधान भी शामिल हैं। इन महिला प्रधानों ने घर की दहलीज लांघकर विकास को गति देने का काम किया है। इन सभी को जल्द ही लखनऊ में होने वाले कार्यक्रम में बुलाकर सम्मानित किया जाएगा। 

योगी सरकार ने रानी लक्ष्मीबाई वीरता पुरस्कार देने का निर्णय लिया है। इसके लिए पूरे प्रदेश से पंचायती राज विभाग को बेहतर काम करने वाली महिला ग्राम प्रधानों को चयनित किए जाने का निर्देश जारी किया गया था। पंचायती राज विभाग ने इसके लिए जिले में सर्वे शुरु कराया था। प्रभारी जिला पंचायत राज अधिकारी ओपी आर्य ने बताया कि विकास खंड महसी के ग्राम पंचायत हरदी गौरा की प्रधान अनीता देवी और विकास खंड हुजूरपुर के ग्राम बौव्वां की प्रधान कमला देवी को पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है। 

पहले हुई झिझक, अब सब दे रहे साथ:

महिला ग्राम प्रधान अनीता देवी और कमला देवी ने बताया कि गांव में पहले शौचालय के प्रयोग के लिए जागरुकता नहीं थी। खुले में शौच की प्रथा को खत्म करने में महिलाओं को एकत्र कर उनकी भूमिका निर्धारित की गई। पहले कुछ महिलाएं झिझक रही थीं। मगर बाद में सभी ने सहयोग दिया। 

गांव में प्रधानों ने कराए यह कार्य:

– शौचालय प्रयोग के लिए प्रेरित करते हुए एक राजस्व ग्राम को ओडीएफ घोषित कराया। 

– लोगों को प्रेरित कर स्वप्रेरणा से दस शौचालय बनवाए।

– प्रत्येक शनिवार को विशेष सफाई अभियान और स्वच्छता रैली का आयोजन।

– महिलाओं की बैठककर अधिकारों की जानकारी व मासिक धर्म में सेनेटरी नैपकिन के प्रयोग के लिए जागरुकता। 

– जागरुक कर बाल विवाह पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया। 

– ग्रामीणों के सहयोग से एक गरीब लड़की की शादी करवाई। 

( रिपोर्ट- अमरेंद्र पाठक, बहराइच )