सीएम योगी समेत कई राजनेताओं पर दर्ज मुकदमे होंगे वापस

गोरखपुर — उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई राजनेताओं के खिलाफ दर्ज करीब 20 हजार राजनीतिक मुकदमों की वापसी की कवायद तेज हो गई है.वहीं शासन से पत्र मिलने के बाद जिलाधिकारी ने एडीएम सिटी को शीघ्र कार्यवाही पूरी करने को कहा है.   दरअसल विधानसभा में यूपीकोका बिल को लेकर जारी बहस के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि 20 हजार राजनीतिक मुकदमे वापस होंगे. जिसके बाद 21 दिसंबर को ही उत्तर प्रदेश दंड विधि (अपराधों का शमन और विचारणों का उपशमन) (संशोधन) विधेयक, 2017 भी पेश कर दिया.वहीं सरकार की तरफ से गोरखपुर जिलाधिकारी को

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December 27, 2017

गोरखपुर — उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई राजनेताओं के खिलाफ दर्ज करीब 20 हजार राजनीतिक मुकदमों की वापसी की कवायद तेज हो गई है.वहीं शासन से पत्र मिलने के बाद जिलाधिकारी ने एडीएम सिटी को शीघ्र कार्यवाही पूरी करने को कहा है.  

दरअसल विधानसभा में यूपीकोका बिल को लेकर जारी बहस के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि 20 हजार राजनीतिक मुकदमे वापस होंगे. जिसके बाद 21 दिसंबर को ही उत्तर प्रदेश दंड विधि (अपराधों का शमन और विचारणों का उपशमन) (संशोधन) विधेयक, 2017 भी पेश कर दिया.वहीं सरकार की तरफ से गोरखपुर जिलाधिकारी को एक पत्र भेजा गया है जिसमें 1995 में दर्ज मुकदमा वापस लेने के लिए कोर्ट में आवेदन करने के लिए निर्देशित किया गया है.

बता दें कि वर्ष 1995 में गोरक्षपीठ के तत्कालीन उत्तराधिकारी योगी आदित्यनाथ अपने समर्थकों के साथ पीपीगंज क्षेत्र में धरना-प्रदर्शन करने गए थे. तब पीपीगंज में धारा 144 लागू थी. योगी के साथ वर्तमान केंद्रीय राज्यमंत्री शिवप्रताप शुक्ल, विधायक शीतल पांडेय, राकेश सिंह पहलवान, विश्वकर्मा द्विवेदी, कुंवर नरेंद्र सिंह, उपेंद्र दत्त शुक्ल, समीर सिंह, विभ्राट चंद कौशिक, शंभुशरण सिंह, भानुप्रताप सिंह, ज्ञान प्रताप शाही, रमापति राम त्रिपाठी समेत 13 लोगों के खिलाफ पुलिस ने धारा 188 के तहत मुकदमा दर्ज किया था.इस मामले में कोर्ट ने आरोपियों के खिलाफ पेश न होने की वजह से गैर जमानती वारंट भी जारी किया था.

वही अब राजनीतिक मुदकमा वापस लिए जाने की राज्यपाल से अनुमति मिलने के बाद प्रदेश सरकार के अनु सचिव अरुण कुमार राय ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर इस मामले में औपचारिकताएं पूरी करने को कहा है. शासन से पत्र आने के बाद जिला प्रशासन ने इस मामले सक्रियता बढ़ा दी है. डीएम ने एडीएम सिटी को अग्रिम कार्यवाही शीघ्र पूरी करने का निर्देश दिया है.