अस्पताल ने नहीं दिया स्ट्रेचर तो बीमार बेटी को गोद में उठाकर इमरजेंसी तक ले गया पिता

एटा– प्रदेश सरकार आम जनमानस को बेहतर चिकित्सीय सुविधायें उपलब्ध कराने के भरसक प्रयास कर रही हो लेकिन बेपटरी हो चुके स्वास्थ महकमे ने जैसे कसम खा रखी हो कि तुम लाख सुधारो हम नहीं सुधरेंगें।  ताजा मामला एक बार फिर एटा में देखने को मिला जहॉ जिला अस्पताल में सारी सुविधायें होने के बावजूद दूर दूर से आने वाले मरीजों को कोई भी सुविधायें उपलब्ध नहीं कराई जाती। यहॉं का जिला अस्पताल, मरीजों को ये संदेश दे रहा हो कि आप अगर यहॉं आये तो खुद ही सारी व्यवस्थाये करके आये अन्यथा जिला अस्पताल प्रशासन की कोई जिम्मेदारी नहीं

Written By :

admin

Updated

May 4, 2018

एटा– प्रदेश सरकार आम जनमानस को बेहतर चिकित्सीय सुविधायें उपलब्ध कराने के भरसक प्रयास कर रही हो लेकिन बेपटरी हो चुके स्वास्थ महकमे ने जैसे कसम खा रखी हो कि तुम लाख सुधारो हम नहीं सुधरेंगें। 

ताजा मामला एक बार फिर एटा में देखने को मिला जहॉ जिला अस्पताल में सारी सुविधायें होने के बावजूद दूर दूर से आने वाले मरीजों को कोई भी सुविधायें उपलब्ध नहीं कराई जाती। यहॉं का जिला अस्पताल, मरीजों को ये संदेश दे रहा हो कि आप अगर यहॉं आये तो खुद ही सारी व्यवस्थाये करके आये अन्यथा जिला अस्पताल प्रशासन की कोई जिम्मेदारी नहीं है। इसका नमूना एक बार फिर सामनें आया जब देहात कोतवाली के सरांम गॉंव निवासी जयपाल सिंह अचानक अपनी बेटी को घबड़ाह़ट और बुखार के चलते एम्बुलेंस से लेकर जिला अस्पताल पहुंचे।

पीड़ित का आरोप है कि स्ट्रेचर के लिए कहे जाने पर भी अस्पताल का कोई भी कर्मचारी स्ट्रेटर लेकर एंबुलेंस तक नहीं पहुंचा। दर्द से कराहती अपनी बेटी को स्ट्रेचर उपलब्ध न होते देख विचलित हुए एक पिता से जब नहीं रहा गया तो वो खुद अपनी गोद में उठाकर इमरजेंसी तक ले गया। जब गोद में बेटी को ले जा रहे एक पिता की ये तस्वीरें कैमरे में कैद हो गयी तो जिला अस्पताल में हड़कंप मच गया और आनन फानन चिकित्सक पहुंचे और उसका उपचार शुरु किया। वहीं इस पूरे मामले पर सीएमएस सफाई देते नजर आये। चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास शुरु कर दिये है।

(रिपोर्ट – आर. बी. द्विवेदी, एटा )