खनन माफियाओं के आगे अधिकारी नतमस्तक, दी हरी झंडी, किसानों की फसल बर्बाद

फतेहपुर– खनन को लेकर सरकार की सख्ती का कोई भी असर होता नहीं दिख रहा है। ताजा मामला उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के कल्याणपुर थाने के गुनीर गांव में चल रहे गंगा बालू के अवैध खनन से जुड़ा है। जहां पिछले कई दिनों से उन्नाव और फतेहपुर की सीमा नाप जोख के बाद भी प्रशासन पूरे तरीके से इस नतीजे पर नहीं पहुंच पाया है कि खनन वैध था या फिर अवैध । जबकि मौके पर नाप कर रहे फतेहपुर राजस्व विभाग की टीम इस बात को जोरदारी से कह रही है कि खनन फतेहपुर की सीमा पर हुआ

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March 22, 2018

फतेहपुर– खनन को लेकर सरकार की सख्ती का कोई भी असर होता नहीं दिख रहा है। ताजा मामला उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के कल्याणपुर थाने के गुनीर गांव में चल रहे गंगा बालू के अवैध खनन से जुड़ा है। जहां पिछले कई दिनों से उन्नाव और फतेहपुर की सीमा

नाप जोख के बाद भी प्रशासन पूरे तरीके से इस नतीजे पर नहीं पहुंच पाया है कि खनन वैध था या फिर अवैध । जबकि मौके पर नाप कर रहे फतेहपुर राजस्व विभाग की टीम इस बात को जोरदारी से कह रही है कि खनन फतेहपुर की सीमा पर हुआ है। लेकिन फतेहपुर के अधिकारी कहीं ना कहीं खनन माफियाओं के पक्ष में रिपोर्ट देते दिख रहे हैं। जिले के अधिकारी अपनी टीम की रिपोर्ट को ना मानकर गूगल सर्वे को अब सही बता रहे हैं।

जब किसानों ने इसकी शिकायत प्रशासन से की तो प्रशासन भी खनन माफियाओं को ही सही बताने में लगा हुआ है। जबकि राजस्व टीम में शामिल कानूनगो इस बात को बार-बार कह रहा है कि पूरा खनन अवैध तरीके से फतेहपुर की सीमा में ही हुआ है। लेकिन अधिकारी सब पर पानी डालने में लगे हुए हैं।

बता दें कि कल्याणपुर थाने के गुनीर गांव के किसानों की जमीन पर उन्नाव के खनन माफिया ने अवैध खनन किया। किसानों की माने तो खनन माफिया का पट्टा जिस जगह का था खनन वहां पर ना करते हुए फतेहपुर की सीमा में खनन करके करोड़ों के राजस्व का चूना लगा दिया गया और जब हल्ला मचा तो नाप-जोख करके महज खानापूर्ति करते हुए प्रशासन ये साबित करने में लगा कि है खनन पूरी तरह से वैध । अभी दो महीने पहले ही यमुना नदी में हुए अवैध खनन के मामले में एसडीएम, खान अधिकारी और एसओ पर कार्रवाई हुई थी, उस समय भी डीएम कुमार प्रशान्त बच गए थे।

(रिपोर्ट-नितेश श्रीवास्तव , फतेहपुर )