जानलेवा बीमारियों को दावत दे रहा कारखानों की चिमनियों से उठता जहरीला धुंआ, जिम्मेदार बेफिक्र

जिले की औद्योगिक नगरी के नाम से प्रशिद्ध औंग कस्बे में कत्था व पैनम फैक्ट्री समेत कई प्रकार की छोटी बड़ी लगभग आधा दर्जन फैक्ट्रियां हैं।

Written By :

Shweta Singh

Updated

January 9, 2021

भले ही शासन व प्रशासन धान की पराली जलाने पर प्रदूषण फैलाने के आरोप में किसानों से ना सिर्फ जुर्माने की वसूली में तत्तपरता दिखाई हो बल्कि अन्नदाताओं को जेल की सलाखों तक भी पहुंचाया हो।

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किंतु हकीकत तो ये है कि प्रदूषण फैलाने के आरोप में धान की पराली जलाने वाले किसानों को जेल पहुंचाने वाले शासन व प्रशासन को कल कारखानों की चिमनियों से उठने वाला जहरीला धुंआ आज भी नहीं दिख रहा।

जबकी असल मायने में यह जहरीला धुंआ ना सिर्फ फ़सलों के लिये हानिकारक है। बल्कि आवाम के लिये भी जानलेवा साबित हो रहा है।

बताते चलें जिले की औद्योगिक नगरी के नाम से प्रशिद्ध औंग कस्बे में कत्था व पैनम फैक्ट्री समेत कई प्रकार की छोटी बड़ी लगभग आधा दर्जन फैक्ट्रियां हैं।

जिनकी चिमनियों की ऊंचाई बमुश्किल पाँच से छः फिट ही है। जिसकी वजह से इन फैक्ट्रियों की चिमनियों से निकलने वाला जहरीला धुंआ टीवी, खसरा, ह्रदय रोग जैसी गम्भीर बीमारियों को दावत देता है। बल्कि आस पास के खेतों की फसलों के लिये भी हानिकारक शिद्ध हो रहा है। वहीं इन फैक्ट्रियों से निकलने वाला अपशिष्ट पदार्थ आस पास के खेतों की फ़सलों को चौपट कर रहा है। जिससे क्षेत्रीय किसानों को फायदा कम नुकसान अधिक हो रहा है।

जिस गम्भीर समस्या के प्रति कई बार क्षेत्रीय जनता समेत किसानों ने भी तहसील प्रशासनिक जिम्मेदारों समेत जिला प्रशासन को भी आगाह करते हुए उपरोक्त गम्भीर समस्या के स्थायी निदान की मांग कर चुके हैं।

किंतु किसी भी जिम्मेदार ने उपरोक्त जनसमस्या पर अपना ध्यान केंद्रित कर इस विकराल जनसमस्या के निदान का स्थायी हल ढूंढने के लिये कोई प्रभावी कदम उठाना मुनाशिब नहीं समझा।

वहीं इस सम्बन्ध में जब बिन्दकी उपजिलाधिकारी प्रियंका सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा कि मामले की जाँच कर समस्या को हल कराया जाएगा।