दिवाली की रात सड़कों के गड्ढे भर रहा था यह इंजीनियर

हैदराबाद: पूरा देश जब दिवाली की खुशियां मना रहा था, तब एक ऐसा भी शख्स था जो सड़कों के गड्ढे भर रहा था। सेवानिवृत्त इंजिनियर गंगाधर तिलक कटनम गुरुवार को टीपू ब्रिज पहुंचे और लेंगर हौज से पुलिस अकादमी के बीच स्थित हिस्से में सड़क के गड्ढों को भरा।    पेशे से इंजिनियर रहे तिलक एक दशक पहले दक्षिण-मध्य रेलवे से सेवानिवृत्त हुए थे। वह वर्ष 2010 से सड़कों के गड्ढों को भरने के लिए मिशन चला रहे हैं। उन्होंने अब तक शहर में 1302 गड्ढों को भरा है।    तिलक कहते हैं, ‘मैंने गड्ढों को भरकर दिवाली मनाई।’ बता दें, तिलक

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October 27, 2017

हैदराबाद: पूरा देश जब दिवाली की खुशियां मना रहा था, तब एक ऐसा भी शख्स था जो सड़कों के गड्ढे भर रहा था। सेवानिवृत्त इंजिनियर गंगाधर तिलक कटनम गुरुवार को टीपू ब्रिज पहुंचे और लेंगर हौज से पुलिस अकादमी के बीच स्थित हिस्से में सड़क के गड्ढों को भरा। 

 

पेशे से इंजिनियर रहे तिलक एक दशक पहले दक्षिण-मध्य रेलवे से सेवानिवृत्त हुए थे। वह वर्ष 2010 से सड़कों के गड्ढों को भरने के लिए मिशन चला रहे हैं। उन्होंने अब तक शहर में 1302 गड्ढों को भरा है। 
 


तिलक कहते हैं, ‘मैंने गड्ढों को भरकर दिवाली मनाई।’ बता दें, तिलक अपनी पेंशन का एक बड़ा हिस्सा इस नेक काम के लिए खर्च करने के अलावा अपना काफी समय भी इसके लिए देते हैं। उनके परिवार ने ‘श्रमदान’ नाम से एक स्वैच्छिक संगठन बनाया है और अक्सर लोग उनकी मदद करते हैं। शुरुआत में जब कोई नई सड़क बनती थी, तो मैं उसके किनारे से कंकड़ उठाता था। बाद में यह मिलना बंद हो गया। मैंने तब ठेकेदार से अनुरोध किया कि उन्हें कुछ कंकड़ बेच दे।’तिलक ने कहा, ‘इस तरह के गड्ढे जानलेवा होते हैं। जब कोई व्यक्ति गाड़ी चला रहा होता है तो अचानक गड्ढा आने पर संभालना काफी मुश्किल हो जाता है। इससे कई बार मौत हो जाती है।’