बीजापुर में खुलेगा देश का पहला वनधन विकास केंद्र,इन्हें मिलेगा रोजगार

न्यूज डेस्क — बीजापुर में देश का पहला वनधन केंद्र खुलेगा। 14 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस वनधन विकास केंद्र की आधार शिला रखेंगे। वनधन विकास केंद्र में वनवासियों को वनोपजों के समुचित प्रसंस्करण, भंडारण, मार्केटिंग और ब्रांडिंग की ट्रेनिंग मिलेगी। यह केंद्र प्रदेश की बायो डायवर्सिटी के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण होगा। वनधन विकास केंद्र में आदिवासी समूहों का कौशल विकास किया जाएगा। इसमें इमली, चिरौंजी, माहुल पत्ता आदि के प्रसंस्करण की आधुनिक तकनीक सिखाई जाएगी।   प्रधानमंत्री इमली प्रसंस्करण की एक मशीन भी वनवासियों को सौंपेंगे। छत्तीसग़़ढ राज्य लघु वनोपज संघ के प्रबंध संचालक मुदित कुमार सिंह ने बताया

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April 10, 2018

न्यूज डेस्क — बीजापुर में देश का पहला वनधन केंद्र खुलेगा। 14 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस वनधन विकास केंद्र की आधार शिला रखेंगे। वनधन विकास केंद्र में वनवासियों को वनोपजों के समुचित प्रसंस्करण, भंडारण, मार्केटिंग और ब्रांडिंग की ट्रेनिंग मिलेगी।

यह केंद्र प्रदेश की बायो डायवर्सिटी के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण होगा। वनधन विकास केंद्र में आदिवासी समूहों का कौशल विकास किया जाएगा। इसमें इमली, चिरौंजी, माहुल पत्ता आदि के प्रसंस्करण की आधुनिक तकनीक सिखाई जाएगी।  

प्रधानमंत्री इमली प्रसंस्करण की एक मशीन भी वनवासियों को सौंपेंगे। छत्तीसग़़ढ राज्य लघु वनोपज संघ के प्रबंध संचालक मुदित कुमार सिंह ने बताया कि वनधन विकास केंद्र के लिए केंद्र सरकार ने डेढ़ करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं। इस पैसे से ट्रेनिंग सेंटर के साथ ही छोटे–छोटे गोदाम बनाए जाएंगे।  

महिला स्वंसहायता समूहों को इमली केक, दोना पत्तल आदि मशीनों से बनाने की ट्रेनिंग दी जाएगी। वनोपजों की पैकिंग और ब्रांडिंग होगी तो वनवासियों को ज्यादा दाम मिलेगा। प्रधानमंत्री बीजापुर में संजीवनी केंद्र भी जाएंगे। वहां वह वनवासियों को चरणपादुका (जूते) का वितरण करेंगे।