जमानत अवधि बढ़ाने की याचिका खारिज, केजरीवाल को 2 जून को करना होगा सरेंडर

दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल (CM Arvind Kejriwal) को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) से बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री ने अंतरिम जमानत अवधि सात दिन बढ़ाने की केजरीवाल की याचिका

Written By :

SK Sharma

Updated

May 29, 2024

दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल (CM Arvind Kejriwal) को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) से बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री ने अंतरिम जमानत अवधि सात दिन बढ़ाने की केजरीवाल की याचिका को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। सीएम ने PET-CT स्कैन समेत मेडिकल जांच कराने के लिए अंतरिम जमानत अवधि बढ़ाने की मांग की थी। फिलहाल दिल्ली शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग (money laundering) केस में दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल तिहाड़ जेल में बंद थे।

कोर्ट ने लोकसभा चुनाव के मद्देनजर केजरीवाल को 1 जून तक अंतरिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया था। साथ ही कोर्ट ने केजरीवाल को 2 जून को वापस तिहाड़ जेल में सरेंडर करने का भी आदेश दिया था। रजिस्ट्री ने कहा कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। सात दिन का समय मांगने वाली याचिका का मुख्य याचिका से कोई संबंध नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें नियमित जमानत के लिए ट्रायल कोर्ट जाने की छूट दी है, इसलिए याचिका सुनवाई के योग्य नहीं है।

AAP ने खराब स्वास्थ्य का दिया था हवाला

आम आदमी पार्टी (AAP) के मुताबिक शराब घोटाले में गिरफ्तारी के बाद से सीएम केजरीवाल की तबीयत खराब हो गई है। गिरफ्तारी के बाद उनका वजन सात किलो कम हो गया है। उनका कीटोन लेवल भी काफी ज्यादा है, जो गंभीर मेडिकल डिसऑर्डर की ओर इशारा करता है। पार्टी ने आगे कहा कि सीएम केजरीवाल के लिए मेडिकल टेस्ट कराना जरूरी है। इसके लिए सात दिन का समय चाहिए।

सीएम केजरीवाल (Arvind Kejriwal) की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने मंगलवार को न्यायमूर्ति जेके माहेश्वरी और न्यायमूर्ति केवी विश्वनाथन की अवकाशकालीन पीठ से याचिका को सुनवाई के लिए तत्काल सूचीबद्ध करने का अनुरोध किया। सिंघवी ने कहा, “20 दिन की अंतरिम जमानत अवधि समाप्त हो रही है। उन्हें तत्काल मेडिकल टेस्ट कराना है। मैं सिर्फ सात दिन का समय मांग रहा हूं।”

जानें सुप्रीम कोर्ट ने क्या कुछ कहा-

इस पर न्यायमूर्ति माहेश्वरी ने कहा, “न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की अध्यक्षता वाली एक अन्य पीठ ने 17 मई को इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। इस आवेदन को मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ के पास भेजना उचित होगा।” न्यायमूर्ति माहेश्वरी की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा, “हम आपकी दलीलें मुख्य न्यायाधीश के पास भेजेंगे। मुख्य न्यायाधीश को फैसला करने दीजिए।

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