तस्वीरों में देखें दिल्ली अग्निकांड का खौफनाक मंजर, सुनाई दे रही थी बचाओ-बचाओ की चीखें

नई दिल्ली–दिल्ली के रानी झांसी रोड स्थित अनाज मंडी में रविवार की सुबह काल बनकर आई और कुछ ही सेकेंडों में कई परिवारों की हंसती खेलती जिंदगी तबाह हो गई। घनी आबादी वाले इस इलाके को जैसे ही आग ने अपनी चपेट में लिया तो लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर उधार भागने लगे। हालांकि इन संकरी गलियों में धुआं इतना गहरा गया कि दम घुटने से एक के बाद एक 43 लोगों की मौत हो गई। फैक्ट्रियों के आपस में जुड़ी होने के कारण आग तेजी से फैलती रही। तुरंत दमकल की 30 गाड़ियों को घटनास्थल पर भेजा गया

Written By :

Shweta Singh

Updated

December 9, 2019

नई दिल्ली–दिल्ली के रानी झांसी रोड स्थित अनाज मंडी में रविवार की सुबह काल बनकर आई और कुछ ही सेकेंडों में कई परिवारों की हंसती खेलती जिंदगी तबाह हो गई।

घनी आबादी वाले इस इलाके को जैसे ही आग ने अपनी चपेट में लिया तो लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर उधार भागने लगे। हालांकि इन संकरी गलियों में धुआं इतना गहरा गया कि दम घुटने से एक के बाद एक 43 लोगों की मौत हो गई।

सुबह आग लगने की घटना में 43 लोग मारे गए और 50 से अधिक घायल हो गए

फैक्ट्रियों के आपस में जुड़ी होने के कारण आग तेजी से फैलती रही। तुरंत दमकल की 30 गाड़ियों को घटनास्थल पर भेजा गया लेकिन इस इलाके की गलियों के संकरी होने के कारण फ़ायर ब्रिगेड की गाड़ी या एंबुलेंस अंदर तक नहीं जा सकी और बचावकर्मी घायलों को अपने कंधों पर उठाकर बाहर लेकर आए।

दिल्ली की अनाज मंडी में आग लगने पर घटना स्थल पर घायलों को ले जाने के लिए एंबुलेंस व दमकल गाड़ियां 

कमरों के अंदर से बचाओ-बचाओ की चीखें आ रही थीं। जब कमरों के दरवाजे खोले गए तो कुछ लोग अंदर से निकल सके।

फैक्ट्री में काम कर रहे लोगों के रिश्तेदार और स्थानीय लोग घटनास्थल की ओर भाग रहे थे।