योगी सरकार को SC ने दी बड़ी राहत, बालू की ई-टेंडरिंग को मिली हरी झंडी

नई दिल्ली — योगी सरकार को SC बड़ी राहत देते हुए बालू खनन के लिए ई-टेंडरिंग प्रक्रिया के लिए हरी झंडी दिखा दी है.कोर्ट ने कहा कि एनजीटी का इस मामले में जो भी अंतिम आदेश होगा बालू खनन के लिए ई-टेंडरिंग का भविष्य तय करेगा. जिसका मतलब ये है कि ई टेंडरिंग प्रक्रिया के तहत नीलामी तो होगी लेकिन इसका भविष्य एनजीटी के आदेश पर निर्भर होगा. दरअसल उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल कर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल यानी एनजीटी के आदेश को चुनोती दी थी. यूपी सरकार ने अपनी याचिका में कहा

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November 7, 2017

नई दिल्ली — योगी सरकार को SC बड़ी राहत देते हुए बालू खनन के लिए ई-टेंडरिंग प्रक्रिया के लिए हरी झंडी दिखा दी है.कोर्ट ने कहा कि एनजीटी का इस मामले में जो भी अंतिम आदेश होगा बालू खनन के लिए ई-टेंडरिंग का भविष्य तय करेगा. जिसका मतलब ये है कि ई टेंडरिंग प्रक्रिया के तहत नीलामी तो होगी लेकिन इसका भविष्य एनजीटी के आदेश पर निर्भर होगा.

दरअसल उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल कर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल यानी एनजीटी के आदेश को चुनोती दी थी. यूपी सरकार ने अपनी याचिका में कहा कि बालू खनन के लिए ई-टेंडरिंग प्रक्रिया पारदर्शी और उचित प्रक्रिया है. ऐसे में एनजीटी के अंतरिम आदेश पर रोक लगाई जाए.बता दें कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने उत्तर प्रदेश में खनन को लेकर शुरू होने जा रही ई-टेंडरिंग प्रक्रिया पर 22 सितंबर को रोक लगा दी थी.उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के अस्तित्व में आने के बाद पुराने खनन के पट्टे निरस्त करते हुए नए पट्टे ई-टेंडरिंग के माध्यम से कराने का निर्णय लिया गया था. 

गौरतलब है कि सूबे के विभिन्न जिलों में बालू खनन के लिए ई-टेंडर 1 अक्टूबर से जारी होने थे. ई-टेंडर जारी होने से ठीक पहले एनजीटी ने यूपी सरकार को झटका देते हुए टेंडर प्रक्रिया पर रोक लगा दी थी.वहीं प्रदेश में कई महीनों से ठप बालू खनन के कारण बहुत सारे प्रोजेक्ट अधर में लटके हुए हैं. इस दौरान लोगो को घर बनाने में भी काफी दिक्क़तों का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि बालू की आपूर्ति बड़ी मुश्किल से हो पा रही है.