यूपी में अब सेना के सेवानिवृत्त ड्राइवर चलाएंगे रोडवेज बसें, जानें वजह…

लखनऊ–बस दुर्घटनाओं पर काबू पाने के लिए सेना के सेवानिवृत्त ड्राइवर रोडवेज की बसें चलाएंगे। इसकी शुरुआत चार क्षेत्रों में रोडवेज बतौर पायलट प्रोजेक्ट कर रहा है। यह निर्णय बुधवार को यूपी रोडवेज की बोर्ड मीटिंग में लिया गया। बस अड्डों को और बेहतर करने के लिए तीन करोड़ से अधिक खर्च किया जाएगा। कानपुर के रावतपुर में रोडवेज कार्यशाला की भूमि मेट्रो रेल कॉरपोरेशन को उपयोग के लिए दिए जाने को भी मंजूरी दी गई है।बोर्ड मीटिंग में परिवहन निगम मुख्यालय यूपी रोडवेज के अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह, प्रबंध निदेशक डॉ. राजशेखर, विशेष सचिव परिवहन, अपर प्रबंध निदेशक मौजूद

Written By :

Shweta Singh

Updated

February 13, 2020

लखनऊ–बस दुर्घटनाओं पर काबू पाने के लिए सेना के सेवानिवृत्त ड्राइवर रोडवेज की बसें चलाएंगे। इसकी शुरुआत चार क्षेत्रों में रोडवेज बतौर पायलट प्रोजेक्ट कर रहा है। यह निर्णय बुधवार को यूपी रोडवेज की बोर्ड मीटिंग में लिया गया।

बस अड्डों को और बेहतर करने के लिए तीन करोड़ से अधिक खर्च किया जाएगा। कानपुर के रावतपुर में रोडवेज कार्यशाला की भूमि मेट्रो रेल कॉरपोरेशन को उपयोग के लिए दिए जाने को भी मंजूरी दी गई है।बोर्ड मीटिंग में परिवहन निगम मुख्यालय यूपी रोडवेज के अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह, प्रबंध निदेशक डॉ. राजशेखर, विशेष सचिव परिवहन, अपर प्रबंध निदेशक मौजूद रहे।एमडी डॉ. राजशेखर ने बताया कि यात्रियों को सुरक्षित यात्रा दी जाएगी।

जनरथ बसों की 2016 से 2019 के बीच दुर्घटनाओं की समीक्षा की गई। इसमें पाया गया कि अनुभवी चालकों की आवश्यकता है, जिसके लिए सेना के सेवानिवृत्त चालकों को लखनऊ, गाजियाबाद, गोरखपुर एवं आगरा में पांच-पांच बसों पर दो चालक प्रति बस के आधार पर रखेंगे। तीन महीने के लिए पायलट प्रोजेक्ट होगा। इसके बाद इसको पूर्ण सहमति दी जाएगी। अनुभवी चालकों से दुर्घटनाओं में कमी तथा डीजल खर्च में भी कमी आएगी।