आज का भाग्यफलः 19 अक्टूबर 2020

मीन- ग्रहस्थिति भाग्य के पक्ष में, पराक्रम से कार्य व्यवसाय के क्षेत्र में अनुकूलता, रचनात्मक क्रिया-कलापों की ओर अभिरुचि, परोपकार की ओर प्रवृत्ति, हर्ष भी।

Written By :

SK Sharma

Updated

October 19, 2020

मेष- ग्रहस्थिति विपरीत, पारिवारिक समस्याओं के चलते निजी प्रतिभा का सदुपयोग करने सेवंचित, वाद-विवाद से तनाव, व्यर्थभ्रमणसे अपव्यय, धनहानि की आशंका।

वृषभ- कार्य-व्यवसाय अर्थ पक्ष में उन्नति का सुअवसर प्राप्त, पारिवारिक उत्तरदायित्व की पर्ति का प्रयास सफल, दाम्पत्य जीवन में मधुरता, धन संचय की ओर प्रवृत्ति।

मिथुन- नवकार्यों की ओर रुझान, वाक्पटुता से संकल्पसिद्धि, निराशा का समापन, व्यक्तित्व का विकास, मनोरंजन में रुचि, दूर समीप की यात्रा का कार्यक्रम उपस्थित।

कर्क- अभिष्ट कार्यों में संतोषजनक सफलता, धर्म-अध्यात्म में आस्था, घरेलू समस्या का निवारण संभव, परोपकार की ओर प्रवृत्ति, आपसी सौहार्द, मानसम्मान की प्राप्ति।

सिंह ग्रहस्थिति प्रतिकूल, कार्यों के प्रति उदासीनता, गुप्त चिंताओं से स्वास्थ्य पर कुप्रभाव, आर्थिकलेन-देन में जोखिम से नुकसान, बात-बात परक्रोध की आशंका।

कन्या- लाभ का मार्ग प्रशस्त, व्यापार में नवपरिवर्तन की संभावना, कठिनाइयों की निवृत्ति हेतु प्रयास सार्थक, धार्मिक क्रिया-कलापों की ओर अभिरुचि, यशमान में वृद्धि।

तुला- नूतन-पुरातन मित्रों से योजना की शुरुआत हेतु विचार विमर्श, विनियोजित धन का प्रतिफल आशानुकूल, स्थान परिवर्तन की दिशा में कार्यक्रम उपस्थित, मन प्रफुल्लित।

वृश्चिक- स्वविवेक से लिया गया निर्णय व किया गया कार्य लाभप्रद, प्रभावशाली हस्तियों से सम्पर्क, परिवार में धार्मिक कृत्य सम्पन्न, भाग्योन्नति के नवीन आयाम सुलभ।

धनु- व्यापार में निराशा, दाम्पत्य जीवन में किसी बात को लेकर आपसी तनाव, आय में न्यूनता, एकाग्रता का अभाव, सामाजिक पक्ष से कष्ट, यात्रा में परेशानी, अपव्यय भी।

मकर- वांछित प्रगति हेतु किये जा रहे प्रयास सफलता की ओर, अभीष्ट कार्य में संतोषजनक सफलता, मेल-मिलाप की ओर रुझान, शारीरिक सुख की प्राप्ति।

कुम्भ- कार्य-व्यवसाय में विस्तार हेतु नवयोजना की शुरुआत, पुराने विवाद के समापन होने से खुशी, मनोरथ की सिद्धि, मनोविनोद के अवसर सुलभ, लाभ का सुयोग।

मीन- ग्रहस्थिति भाग्य के पक्ष में, पराक्रम से कार्य व्यवसाय के क्षेत्र में अनुकूलता, रचनात्मक क्रिया-कलापों की ओर अभिरुचि, परोपकार की ओर प्रवृत्ति, हर्ष भी।