दबंगों ने लूटी मासूम की अस्मत, शिकायत करने पर बड़ी बहन को भी बनाया हवस का शिकार

कानपुर देहात–दिल दहला देने वाली दहशत की दास्तान कानपुर देहात से आयी है जहां दबंगों ने कक्षा 7 में पढ़ने वाली नाबालिग छात्रा को अपनी हवस का निवाला बनाया और जब पीड़ित परिवार शिकायत लेकर थाने पहुचा तो पीड़ित परिवार को पुलिस ने थाने से बैरंग लौटा दिया।  कानपुर देहात के अमरौधा ब्लाक के ट्यूंगा गाँव की दरों दीवार पर वहशियों ने खौफ और दहशत की ऐसी इबारत लिखी ; जिससे सारा जनपद दहशतज़दा हो गया। दरअसल गाँव के वहशी युवक दीपू ने अपने परिवार के दो सदस्यों के साथ मिलकर गाँव की ही कक्षा 7 की नाबालिग छात्रा निशा

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April 2, 2019

कानपुर देहात–दिल दहला देने वाली दहशत की दास्तान कानपुर देहात से आयी है जहां दबंगों ने कक्षा 7 में पढ़ने वाली नाबालिग छात्रा को अपनी हवस का निवाला बनाया और जब पीड़ित परिवार शिकायत लेकर थाने पहुचा तो पीड़ित परिवार को पुलिस ने थाने से बैरंग लौटा दिया। 

कानपुर देहात के अमरौधा ब्लाक के ट्यूंगा गाँव की दरों दीवार पर वहशियों ने खौफ और दहशत की ऐसी इबारत लिखी ; जिससे सारा जनपद दहशतज़दा हो गया। दरअसल गाँव के वहशी युवक दीपू ने अपने परिवार के दो सदस्यों के साथ मिलकर गाँव की ही कक्षा 7 की नाबालिग छात्रा निशा ( काल्पनिक नाम ) को अपनी हवस का निवाला बना डाला। जिसके बाद पीड़ित परिवार रेप पीड़िता नाबालिग छात्रा को लेकर सट्टी थाने पहुची जहा पुलिस ने नाबालिग रेप पीड़िता की फ़रियाद सुनने के बजाए थाने से बैरंग लौटा दिया। 

इन्साफ की आस में निशा अपने परिवार के साथ सट्टी थाने के चक्कर लगाती रही। इस दरमियान वहशी दीपू ने अपने 2 साथियो के साथ रेप पीड़िता निशा की बड़ी बहन सुधा ( काल्पनिक नाम ) को पकड़ लिया और निशा की बड़ी बहन सुधा की अस्मत लूट ली। जब सुधा ने विरोध किया तो उसको जमकर मारा पीटा। सुधा का आरोप है कि उसके गुप्तांग में डंडा डाला गया। इतना ही नहीं सुधा को पेशाब पिलाया गया। सुधा को मारणासन्न अवस्था में वहशी दरिन्दे उसे छोड़ कर भाग गए। सुधा का बाप नहीं है। घर में दो बहने रहती थी। जिसके बाद पीड़िता सुधा बदहवास हॉलत में थाने पहुची और अपने साथ हुयी दरिन्दगी की दास्तान सट्टी थाने के इंस्पेक्टर दिग्विजय सिंह से बतायी तो इस बार भी सट्टी इंस्पेक्टर दिग्विजय सिंह ने निशा की तरह बड़ी बहन सुधा को भी थाने से बैरंग लौटा दिया। पीड़ित सुधा की हॉलत बिगड़ती देख उसके परिजनों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया जहा उसकी हॉलत नाज़ुक बनी हुयी है। मामला जब मीडिया के संज्ञान में आया तो इंस्पेक्टर सट्टी दिग्विजय सिंह आफ द रिकार्ड सफाई देने में जुट गए खुद को बेदाग़ बता डाला और महज़ मामूली विवाद बता कर पल्ला झाड़ लिया। 

(रिपोर्ट- संजय कुमार, कानपुर देहात )