राहुल गांधी का पीएम नरेंद्र मोदी से छठां सवाल, गुजरात में वेतन कम क्यों?

नई दिल्ली– गुजरात विधानसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर लगातार हमला बोल रहे कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को अपना छठां सवाल दाग दिया। राहुल गांधी ने गुजरात में बेरोजगारी और कम वेतन को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा को निशाने पर लिया। राहुल गांधी ने ट्विटर पर लिखा- “22 सालों का हिसाब #गुजरात_मांगे_जवाब प्रधानमंत्रीजी- 6ठा सवाल: भाजपा की दोहरी मार एक तरफ युवा बेरोजगार दूसरी तरफ़ लाखों फिक्स पगार और कांट्रैक्ट कर्मचारी बेज़ार 7वें वेतन आयोग में 18000 मासिक होने के बावजूद फिक्स और कांट्रैक्ट पगार 5500 और 10000 क्यों?” आपको बता दें कि गुजरात विधानसभा चुनाव

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December 4, 2017

नई दिल्ली– गुजरात विधानसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर लगातार हमला बोल रहे कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को अपना छठां सवाल दाग दिया। राहुल गांधी ने गुजरात में बेरोजगारी और कम वेतन को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा को निशाने पर लिया।

राहुल गांधी ने ट्विटर पर लिखा- “22 सालों का हिसाब #गुजरात_मांगे_जवाब प्रधानमंत्रीजी- 6ठा सवाल: भाजपा की दोहरी मार एक तरफ युवा बेरोजगार दूसरी तरफ़ लाखों फिक्स पगार और कांट्रैक्ट कर्मचारी बेज़ार 7वें वेतन आयोग में 18000 मासिक होने के बावजूद फिक्स और कांट्रैक्ट पगार 5500 और 10000 क्यों?”

आपको बता दें कि गुजरात विधानसभा चुनाव में प्रचार अपने चरम पर है। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी इससे पहले पीएम मोदी से अलग-अलग मुद्दों पर 5 सवाल पूछ चुके हैं। इससे पहले रविवार को राहुल गांधी ने सवाल करते हुए कहा कि पीएम मोदी ने गुजरात की महिलाओं को मूलभूत सुविधाएं नहीं मुहैया कराई है। सोशल मीडिया साइट ट्विटर के जरिए राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर हमला बोलते हुए लिखा, ’22 सालों का हिसाब, गुजरात_मांगे_जवाब, प्रधानमंत्रीजी- 5वाँ सवाल: न सुरक्षा, न शिक्षा, न पोषण, महिलाओं को मिला तो सिर्फ़ शोषण, आंगनवाड़ी वर्कर और आशा, सबको दी बस निराशा। गुजरात की बहनों से किया सिर्फ वादा, पूरा करने का कभी नहीं था इरादा।’

ये हैं राहुल गांधी के पहले के 5 सवाल—

1. 2012 में वादा किया कि 50 लाख नए घर देंगे। 5 साल में बनाए 4.72 लाख घर। प्रधानमंत्री जी बताइए कि क्या ये वादा पूरा होने में 45 साल और लगेंगे? 

2. 1995 में गुजरात पर कर्ज- 9,183 करोड़। 2017 में गुजरात पर कर्ज- 2,41,000 करोड़। यानी हर गुजराती पर 37,000 कर्ज। आपके वित्तीय कुप्रबन्धन व पब्लिसिटी की सजा गुजरात की जनता क्यों चुकाए?

3. 2002-16 के बीच 62,549 Cr की बिजली खरीद कर 4 निजी कंपनियों की जेब क्यों भरी? सरकारी बिजली कारख़ानों की क्षमता 62% घटाई पर निजी कम्पनी से 3/ यूनिट की बिजली 24 तक क्यों ख़रीदी? 

4. सरकारी स्कूल-कॉलेज की कीमत पर किया शिक्षा का व्यापार महँगी फीस से पड़ी हर छात्र पर मार, New India का सपना कैसे होगा साकार? सरकारी शिक्षा पर खर्च में गुजरात देश में 26वें स्थान पर क्यों? युवाओं ने क्या गलती की है? 

5. न सुरक्षा, न शिक्षा, न पोषण, महिलाओं को मिला तो सिर्फ शोषण, आंगनवाड़ी वर्कर और आशा, सबको दी बस निराशा। गुजरात की बहनों से किया सिर्फ वादा, पूरा करने का कभी नहीं था इरादा।

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