खाकी की इंसानियत ने भुलाया दर्द-ए-जनता कर्फ्यू

अम्बेडकरनगर–भूख पर भारी जनता कर्फ्यू (public curfew) का दर्द आज उस समय इन गरीबों का कुछ कम हो गया जब ख़ाकीधारियों ने उन्हें पूड़ी और सब्जी से भरा लंच पैकेट वितरित किया. यह भी पढ़ें-Lockdown के चलते मजार पर फंसे जायरीनों को पुलिस ने बांटी खाद्य सामग्री (public curfew) में दो दिनों से आधा-अधूरा पेट खाकर सोने वाले लोग भूख से इस कदर बेहाल थे कि पैकेट मिलते ही इनके चेहरों पर खुशी छा गयी. पूरे देश मे जनता कर्फ्यू (public curfew) लागू होने के चौथे दिन, यानी की आज यूपी पुलिस का मानवीय चेहरा फिर सामने आया, जब जिले

Written By :

Shweta Singh

Updated

March 29, 2020

अम्बेडकरनगर–भूख पर भारी जनता कर्फ्यू (public curfew) का दर्द आज उस समय इन गरीबों का कुछ कम हो गया जब ख़ाकीधारियों ने उन्हें पूड़ी और सब्जी से भरा लंच पैकेट वितरित किया.

यह भी पढ़ें-Lockdown के चलते मजार पर फंसे जायरीनों को पुलिस ने बांटी खाद्य सामग्री

(public curfew) में दो दिनों से आधा-अधूरा पेट खाकर सोने वाले लोग भूख से इस कदर बेहाल थे कि पैकेट मिलते ही इनके चेहरों पर खुशी छा गयी. पूरे देश मे जनता कर्फ्यू (public curfew) लागू होने के चौथे दिन, यानी की आज यूपी पुलिस का मानवीय चेहरा फिर सामने आया, जब जिले के पुलिस अधीक्षक आलोक प्रियदर्शी और अपर पुलिस अधीक्षक अवनीश कुमार ने अपने विभागीय लोगों के साथ लगभग पांच दर्जन से अधिक परिवारों को पूड़ी-सब्जी से भरा लंच पैकेट वितरित किया तो इनके चेहरे खिल गए.

आपको बताते चले कि अम्बेडकरनगर जिला मुख्यालय पर ADM आवास के सामने दिहाड़ी मजदूरी करने वाले लोग लोग लंबे समय से अपना आशियाना बनाकर रहते है और मजदूरी का काम करते है, लेकिन देश मे फैले कोरोना के चलते पीएम मोदी के जनता कर्फ्यू (public curfew) के ऐलान के बाद रोज कमाकर अपना परिवार चलाने वाले इन लोगो का काम बंद हो गया. ऊपर से रोटी का संकट खड़ा हो गया. शहर बंद, बाजार बंद और सड़क पर पुलिस, स्वास्थ्यकर्मी और पत्रकार के अलावा कोई नही .

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ऐसी दशा में इनके और परिवार के लिए संकट ही संकट है, लेकिन आज जिले के एसपी और एएसपी ने जब इनके बीच जाकर इन लोगो को लंच पैकेट पकड़ाया तो ये खुशी से झूम उठे.

(रिपोर्ट-कार्तिकेय द्विवेदी,अम्बेडकरनगर)