RSS के कार्यक्रम में बोलेंगे प्रणव मुखर्जी, कांग्रेस में खलबली

नई दिल्ली — पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी 7 जून को जब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यक्रम में बोलने के लिए खड़े होंगे। संघ प्रचारकों के इस कार्यक्रम में खुद संघ प्रमुख मोहन भागवत ने प्रणव मुखर्जी को आमंत्रित किया है। संघ प्रमुख की तरफ से दो बार मिले निमंत्रण को ठुकराने की बजाय पूर्व राष्ट्रपति ने कार्यक्रम में शामिल होने को हामी भरी तो उनके इस फैसले ने राजनीतिक रंग ले लिया। कांग्रेस में संदीप दीक्षित जैसे नेताओं ने तो खुलेआम प्रणव मुखर्जी को घेर लिया है। हालांकि कांग्रेस की टॉप लीडरशिप इस मामले पर कुछ बोलने से परहेज करते

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May 30, 2018

नई दिल्ली — पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी 7 जून को जब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यक्रम में बोलने के लिए खड़े होंगे। संघ प्रचारकों के इस कार्यक्रम में खुद संघ प्रमुख मोहन भागवत ने प्रणव मुखर्जी को आमंत्रित किया है।

संघ प्रमुख की तरफ से दो बार मिले निमंत्रण को ठुकराने की बजाय पूर्व राष्ट्रपति ने कार्यक्रम में शामिल होने को हामी भरी तो उनके इस फैसले ने राजनीतिक रंग ले लिया। कांग्रेस में संदीप दीक्षित जैसे नेताओं ने तो खुलेआम प्रणव मुखर्जी को घेर लिया है। हालांकि कांग्रेस की टॉप लीडरशिप इस मामले पर कुछ बोलने से परहेज करते हुए संघ के कार्यक्रम का इंतजार कर रहे हैं। 

कांग्रेस के प्रवक्ता टॉम वडक्कन इस मसले पर ‘नो कॉमेंट्स’ बोलकर तो निकल रहे हैं लेकिन यह भी साफ कर रहे हैं कि कांग्रेस और संघ की विचारधारा में काफी फर्क है। पार्टी के दूसरे वरिष्ठ नेता और प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा है कि मुखर्जी ने राष्ट्रपति बनने के बाद राजनीति छोड़ दी है। सिंघवी ने कहा कि किसी समारोह में उनका बोलना उनकी मान्यताओं को लेकर कोई संकेत नहीं है। कांग्रेस नेता ने कहा कि प्रणव मुखर्जी ने अपने 50 सालों के राजनीतिक करियर के दौरान जो बातें कहीं या जो मान्यताएं स्थापित कीं उनके आधार पर उन्हें जज किया जाना चाहिए।