पुलिस  ने नदी में डूबने से 111 कांवड़ियों को बचाया 

न्यूज डेस्क — कांवड़ लेकर कांवड़िए अपने-अपने गंतव्य स्थान पहुंच रहे हैं, जहां वो भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे। इस साल करीब तीन करोड़ कांवड़ यात्री हरिद्वार पहुंचे, जिन्हें उत्तराखण्ड पुलिस द्वारा व्यवस्थित ढंग से नियंत्रित किया गया। साथ ही नदी में डूबते हुए 111 कावड़ियों को जल पुलिस और एसडीआरएफ ने बचाया। एडीजी अशोक कुमार ने कहा कि हरिद्वार से लेकर उत्तरकाशी के गंगोत्री धाम तक इस बार जल पुलिस और एसडीआरएफ ने एक रिकॉर्ड कायम किया है। इस साल कांवड़ यात्रा के दौरान एक ही लक्ष्य रहा कि किसी की भी जान नहीं जानी चाहिए। अशोक कुमार ने

Written By :

admin

Updated

August 11, 2018

न्यूज डेस्क — कांवड़ लेकर कांवड़िए अपने-अपने गंतव्य स्थान पहुंच रहे हैं, जहां वो भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे। इस साल करीब तीन करोड़ कांवड़ यात्री हरिद्वार पहुंचे, जिन्हें उत्तराखण्ड पुलिस द्वारा व्यवस्थित ढंग से नियंत्रित किया गया। साथ ही नदी में डूबते हुए 111 कावड़ियों को जल पुलिस और एसडीआरएफ ने बचाया।

एडीजी अशोक कुमार ने कहा कि हरिद्वार से लेकर उत्तरकाशी के गंगोत्री धाम तक इस बार जल पुलिस और एसडीआरएफ ने एक रिकॉर्ड कायम किया है। इस साल कांवड़ यात्रा के दौरान एक ही लक्ष्य रहा कि किसी की भी जान नहीं जानी चाहिए।

अशोक कुमार ने कहा कि अक्सर ऐसा होता है, जब पानी के तेज बहाव में बहकर कई कावड़िए अपनी जान से हाथ धो बैठते हैं। मगर इस बार हमने ये प्रण लिया था कि उत्तराखंड पुलिस सबकी यात्रा को न सिर्फ सफल बनाने में मदद करेगी, बल्कि उनकी सुरक्षा की पूरी व्यवस्था करेगी। कांवड़ियों की सुरक्षा में किसी भी तरह की कोताही नहीं बरती जाएगी।अशोक कुमार ने बताया कि अगर गंगा जल के लिए आए किसी भी भक्त या यात्री की मौत डूबकर हो जाती है, तो बेहद दुख होता है। इस बार जल पुलिस ने दिन रात एक करके 111 लोगों की जान बचाने में कामयाबी पाई है।