10 साल की सजा…10 करोड़ जुर्माना…मोदी कैबिनेट ने पेपर लीक संशोधन बिल को दी मंजूरी

Modi Cabinet Meeting Paper Leak: देश में लगातार हो रहे प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक मामलों पर नकेल कसने के लिए सरकार ने सख्त कदम उठाया है। शुक्रवार को विरोध-प्रदर्शन (Protest) के बीच पीएम मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में पेपर लीक से जुड़े कानूनों में संशोधन करने वाले बिल को औपचारिक मंज़ूरी दी गई। सरकार अगले हफ्ते 27 जुलाई को मानसून सत्र के दौरान संसद में यह संशोधित बिल पेश करने की तैयारी कर रही है। इस बिल में पेपर लीक माफिया के खिलाफ कड़े प्रावधान होंगे, जिसमें पेपर लीक से जुड़े मामलों में 10 साल की

Written By :

SK Sharma

Updated

July 24, 2026

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Modi Cabinet Meeting Paper Leak: देश में लगातार हो रहे प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक मामलों पर नकेल कसने के लिए सरकार ने सख्त कदम उठाया है। शुक्रवार को विरोध-प्रदर्शन (Protest) के बीच पीएम मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में पेपर लीक से जुड़े कानूनों में संशोधन करने वाले बिल को औपचारिक मंज़ूरी दी गई। सरकार अगले हफ्ते 27 जुलाई को मानसून सत्र के दौरान संसद में यह संशोधित बिल पेश करने की तैयारी कर रही है। इस बिल में पेपर लीक माफिया के खिलाफ कड़े प्रावधान होंगे, जिसमें पेपर लीक से जुड़े मामलों में 10 साल की जेल और 10 करोड़ रुपये का जुर्माना शामिल है। यह मंजूरी ‘पब्लिक एग्जामिनेशन एक्ट, 2024’ को और मजबूत करने के प्रस्ताव पर चर्चा के बाद मिली।

PM मोदी ने छात्रों से किया वादा

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार आधी रात को छात्रों के लिए एक वीडियो संदेश जारी किया था, जिसमें कहा गया था कि सरकार पेपर लीक के मामलों में कड़ी सजा का प्रावधान करने वाला कानून लाएगी। पीएम मोदी ने अपने X हैंडल पर 2.56 मिनट का वीडियो संदेश पोस्ट किया था। जिसमें प्रधानमंत्री ने कहा कि पेपर लीक कोई मामूली बात नहीं है; इससे लाखों छात्रों और उनके माता-पिता को परेशानी होती है। इसलिए, पिछले ढाई महीनों में पेपर लीक को रोकने के लिए कई कदम उठाए गए हैं और दोषियों को पकड़कर जेल भेजा गया है।

उन्होंने कहा कि यह सरकार की ज़िम्मेदारी है कि छात्रों का एक एकेडमिक साल बर्बाद न हो; इसलिए, 22 लाख छात्रों की परीक्षा कम समय में कराई गई और नतीजे 19 जुलाई को घोषित किए गए। यह भी घोषणा की गई कि पेपर लीक को रोकने के लिए एक नया बिल अगले हफ़्ते संसद में पेश किया जाएगा और इसे जल्द से जल्द पास कराने की कोशिश की जाएगी। इसके अलावा, उन्होंने पहले ही पेपर लीक के मामलों से निपटने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा की थी।

27 जुलाई को पेश होगा बिल

कैबिनेट की मंज़ूरी के बाद, सोमवार को लोकसभा में संशोधन बिल पेश किए जाने की उम्मीद है। ऑर्गनाइज़्ड क्राइम (संगठित अपराध) के मामलों में 5 से 10 साल की जेल और कम से कम 1 करोड़ का जुर्माना हो सकता है। पेपर लीक से जुड़े मामलों में फास्ट-ट्रैक कोर्ट के लिए यह अनिवार्य होगा कि वे मामले का निपटारा करें और तीन महीने के भीतर सजा सुनाएं। विपक्ष के नेता विपक्ष ने दावा किया था कि पिछले 10 सालों में 150 बार परीक्षा के पेपर लीक हुए हैं, फिर भी दोषी पाए गए किसी भी व्यक्ति को सज़ा नहीं दी गई है।

क्या है पेपर लीक से जुड़ा कानून

‘पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) एक्ट, 2024’ पूरे देश में पहले से ही लागू है। इसे 12 फरवरी, 2024 को राष्ट्रपति की मंज़ूरी मिली थी और यह 21 जून, 2024 से पूरे देश में प्रभावी है। इस मामलों में अभी 5 से 10 साल की जेल और कम से कम 1 करोड़ के जुर्माने का प्रावधान है। हालांकि सरकार नए संशोधनों के जरिए इस कानून को और सख़्त और असरदार बनाने की तैयारी कर रही है। इस कानून के तहत अपराध गैर जमानती है और समझौता नहीं हो सकता। जांच DSP रैंक या उससे ऊपर के अफसर ही करेंगे।

पेपर लीग का क्या है कानून

पेपर लीक करने पर- अभी 3 से 5 साल की जेल और 10 लाख तक का जुर्माना। किसी गैंग या संगठित समूह की मिलीभगत होने पर- 5 से 10 साल की जेल और 1 करोड़ तक का जुर्माना लग सकता है। एजेंसी द्वारा दोषी पाए जाने पर- 1 करोड़ का जुर्माना, परीक्षा का पूरा खर्च वसूलना और अगले 4 साल तक परीक्षा आयोजित करने पर रोक।
इसकी जांच DSP या उससे ऊपर के रैंक के अधिकारी द्वारा की जाएगी।


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