यूपी में टल सकता हैं पंचायत चुनाव, नहीं जारी हुई गाइडलाइन्स

यूपी सरकार पंचायत चुनाव के संबंध में कोरोना संकट के चलते असमंजस की स्थिति में है। जिसके चलते पंचायत चुनाव लटकने के आसार पैदा हो गए हैं। सरकार ने चुनाव आयोग को अब तक चुनावी प्रक्रिया के संबंध में

Written By :

SK Sharma

Updated

August 25, 2020

यूपी सरकार पंचायत चुनाव के संबंध में कोरोना संकट के चलते असमंजस की स्थिति में है। जिसके चलते पंचायत चुनाव लटकने के आसार पैदा हो गए हैं। सरकार ने चुनाव आयोग को अब तक चुनावी प्रक्रिया के संबंध में कोई गाइड लाइन जारी नहीं की है। वर्तमान पंचायतों का कार्यकाल 25 दिसंबर को पूरा हो रहा है।

ये भी पढ़ें..यूपीः कानपुर DM का तबादला, 4 पीसीएस भी बदले

चुनाव आयोग को 6 माह का चाहिए समय

बता दें कि प्रधानी के इलेक्शन कराने के लिए चुनाव आयोग को सामान्यत: 6 माह का समय चाहिए। हालांकि विशेष परिस्थितियों में चार माह के अंदर भी आयोग चुनाव करा सकता है। परिसीमन के आंकड़े मिलने के बाद आयोग 15 दिन में सूची जारी कर देगा। मतदाता सूची के पुनरीक्षण का कार्य भी आयोग 75 से 90 दिन में पूरा कर सकता है।

लेकिन एक सितंबर से मतदाता सूची पुनरीक्षण के कार्य के लिए आयोग ने जो आदेश जारी किया था उसे शुक्रवार को वापस ले लिया गया था। माना जा रहा है कि अगले दो-तीन दिनों में पंचायत चुनाव को लेकर सरकार ठोस फैसला लेगी।

Panchayat Election On Vacant Seats Of Panch-sarpanches To Be Held ...

80 गांव नगर निगम में हुए शामिल

बता दें कि करीब 80 गांव ग्राम पंचायतों से कटकर नगर निगम की सीमा में शामिल हुए हैं, लेकिन अभी तक इनका परिसीमन नहीं हो पाया है। किस पंचायत में कितने गांव रहेंगे। बचे गांवों को किन पंचायतों में शामिल किया जाएगा। पंचायती राज विभाग परिसीमन पूरा न होने की वजह से अभी तक इसका भी खाका तैयार नहीं कर पाया है। पंचायतों की तस्वीर साफ न होने से ग्रामीण इलाकों की वोटर लिस्ट का पुनरीक्षण भी नहीं करवाया जा सका है।

पंचायत चुनाव के कार्यों से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि परिसीमन का कार्य मार्च माह में ही पूरा हो जाना चाहिए था। तभी यह पता चल पाएगा कि किस पंचायत से टूटकर कितने गांव दूसरी पंचायत में शामिल हुए हैं। कोविड-19 के प्रसार के चलते संबंधित विभागों के कर्मचारी बचाव कार्यों में लगा दिए गए हैं। इसी वजह से परिसीमन का कार्य लटक गया है। अब परिसीमन पूरा होने के बाद ही पंचायत चुनाव से जुड़े कार्य शुरू हो सकेंगे।

19 अगस्त को भेजा गया था पत्र हुआ वापस

वहीं चुनाव आयोग के अपर निर्वाचन आयुक्त वेदप्रकाश वर्मा ने 19 अगस्त को एक सितंबर से पंचायत चुनाव के लिए मतदाता सूची पुनरीक्षण के संबंध में जिलों को पत्र भेजा था लेकिन 21 अगस्त को इस पत्र को वापस ले लिया गया था जानकारी दी गई कि यह पत्र त्रुटिवश जारी हो गया है।

https://youtu.be/kdRUoccHo_Y

ये भी पढ़ें..विकास दूबे पर बन रही वेब सीरीज के इस सीन पर उठी आपत्ति

(अन्य खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें। आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं। )