तेलंगाना चुनाव: वोटिंग से ठीक पहले उल्लुओं की आई शामत !

बेंगलुरु–कलबुर्गी जिले में पुलिसकर्मियों ने तेलंगाना की सीमा से सटे सेदाम तालुके से 6 लोगों को इंडियन ईगल आउल की तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया।  पूछताछ के दौरान तस्करों ने जो कारण बताया वह सुनकर पुलिसकर्मी भी हैरान रह गए। अवैध रूप से जंगली जानवरों को पकड़ने वालों ने बताया कि पड़ोसी राज्य तेलंगाना में चुनाव लड़ रहे राजनेताओं ने रात में जगने वाले पक्षियों का ऑर्डर दिया था। दरअसल, वे इनकी मदद से अपने प्रतिद्वंद्वी के गुडलक को बैडलक में तब्दील करना चाहते हैं। बता दें कि तेलंगाना में सात दिसंबर को विधानसभा चुनाव होने हैं।  गौर करने

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December 3, 2018

बेंगलुरु–कलबुर्गी जिले में पुलिसकर्मियों ने तेलंगाना की सीमा से सटे सेदाम तालुके से 6 लोगों को इंडियन ईगल आउल की तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया। 

पूछताछ के दौरान तस्करों ने जो कारण बताया वह सुनकर पुलिसकर्मी भी हैरान रह गए। अवैध रूप से जंगली जानवरों को पकड़ने वालों ने बताया कि पड़ोसी राज्य तेलंगाना में चुनाव लड़ रहे राजनेताओं ने रात में जगने वाले पक्षियों का ऑर्डर दिया था। दरअसल, वे इनकी मदद से अपने प्रतिद्वंद्वी के गुडलक को बैडलक में तब्दील करना चाहते हैं। बता दें कि तेलंगाना में सात दिसंबर को विधानसभा चुनाव होने हैं। 

गौर करने वाली बात तो यह है कि जहां इंग्लैंड और दूसरे देशों में वे (रात में जागने वाले पक्षी) बुद्धिमत्ता के प्रतीक हैं, वहीं भारत में माना जाता है कि वे अपने साथ बुरी किस्मत लेकर आते हैं….और खासतौर पर तब जब उल्लू घर में दाखिल हो जाएं। इनका इस्तेमाल खासतौर पर अंधविश्वासपूर्ण प्रथाओं और काले जादू के लिए किया जाता है। 

कई बार काला जादू करते वक्त उल्लुओं को मार दिया जाता है और उनके शरीर के अंग जैसे कि सिर, पंख, आंखें, पैर सामने वाले प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार के घर के सामने फेंक दिए जाते हैं ताकि वह वश में आ जाए या फिर उसे चुनाव में शिकस्त का सामना करना पड़े। सूत्रों का कहना है, ‘अक्सर विपक्षी पार्टियों के उम्मीदवार ये तमाम चीजें इसलिए करते हैं क्योंकि वे सोचते हैं कि इससे उन्हें जीत हासिल होगी।’ 

उल्लुओं में अपनी गर्दन 270 डिग्री तक घुमा पाने की क्षमता होती है। इनके साथ एक अंधविश्वास यह भी जुड़ा हुआ है कि इन्हें छिपे हुए खजाने को तलाशने में महारथ हासिल होती है। अंधविश्वास की कड़ी में मान्यता है कि उल्लू खजाने वाले संदिग्ध जगह के चारों ओर चक्कर काटता है। जहां पर उल्लू अपनी गर्दन 270 डिग्री पर घुमा दे, ऐसा कहा जाता है कि वहीं पर खजाना छिपा होता है।