अब सिगरेट और तंबाकू उत्पादों के खिलाफ चलेगा सख्त अभियान !

लखनऊ– गृह विभाग ने धूम्रपान के खिलाफ जंग लड़ने के लिए अब अपनी कमर कस ली है। सार्वजनिक और प्रतिबंधित स्थानों पर सिगेरट और तंबाकू उत्पादों का इस्तेमाल अब भारी पड़ेगा। गृह विभाग ने सभी विभागों को एडवाइजरी जारी करते हुए निर्देश दिए हैं कि सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम – 2003 (सीओटीपीए-2003) को सख्ती से पालन कराया जाए। डीएम की अध्यक्षता में जिला स्तरीय प्रवर्तन दस्ते के गठन के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही प्रदेश भर के थानों और चौकियों को तंबाकू मुक्त घोषित करने को कहा गया है। प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार की तरफ

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November 15, 2017

लखनऊ– गृह विभाग ने धूम्रपान के खिलाफ जंग लड़ने के लिए अब अपनी कमर कस ली है। सार्वजनिक और प्रतिबंधित स्थानों पर सिगेरट और तंबाकू उत्पादों का इस्तेमाल अब भारी पड़ेगा। गृह विभाग ने सभी विभागों को एडवाइजरी जारी करते हुए निर्देश दिए हैं कि सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम – 2003 (सीओटीपीए-2003) को सख्ती से पालन कराया जाए। डीएम की अध्यक्षता में जिला स्तरीय प्रवर्तन दस्ते के गठन के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही प्रदेश भर के थानों और चौकियों को तंबाकू मुक्त घोषित करने को कहा गया है।

प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार की तरफ से जारी एडवाइजरी में सभी कमिश्नर से कहा गया है कि वे अपने मंडल के अफसरों को सीओपीटीए के संबंध में जागरुक करें। नए आईएएस, आईपीएस, पीपीएस व पीसीएस अफसरों को इसकी जिम्मेदारी सौंपे। जिलों के पुलिस कप्तान अपने यहां होने वाली क्राइम मीटिंग में सीओपीटीए अधिनियम के खिलाफ हुई कार्रवाई की समीक्षा को शामिल करें। पुलिसकर्मियों को इस अधिनियम के बारे में ज्यादा से ज्यादा जागरुक और जानकार बनाया जाए। इसे पुलिस ट्रेनिंग कोर्स के कार्यक्रम में शामिल किया जाए।

सभी जिलों में जिला तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ की तरफ से सभी थाना प्रभारियों को इसके प्रति जागरुक किया जाए। डीएम की अध्यक्षता में एसपी, सीएमओ, डीआईओएस, नगर स्वास्थ्य अधिकारी, बेसिक शिक्षा अधिकारी और मुख्य खाद्य अधिकारी का जिला स्तरीय प्रवर्तन दल गठित किया जाए। जो प्रतिबंधित और सार्वजनिक स्थानों पर सिगरेट और तंबाकू उत्पादों के इस्तेमाल के खिलाफ कार्रवाई करे।