दिल्ली में प्रदूषण से धुंध पर NGT ने लगाई दिल्ली सरकार को कड़ी फटकार

नई दिल्ली — राजधानी में स्मॉग के मुद्दे पर नैशनल ग्रीन ट्राइब्यूनल (NGT) ने चिंता जाहिर करते हुए दिल्ली सरकार को कड़ी फटकार लगाई है और पूछा है कि आखिर प्रदूषण कम करने के लिए हेलिकॉप्टर से आर्टिफिशल बारिश क्यों नहीं करवाई जा रही है? साथ ही केंद्र सरकार और पड़ोसी राज्यों के रुख को ‘शर्मनाक’ बताते हुए समस्या के प्रति उनकी गंभीरता पर सवाल उठाए हैं। बुधवार को एनजीटी ने कहा कि संविधान नागरिकों को साफ वातावरण का हक देता है, लेकिन वक्त पर जरूरी कदम न उठाकर सरकारें लोगों से उनके जीने का अधिकार छीन रही हैं।  मामले

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November 9, 2017

नई दिल्ली — राजधानी में स्मॉग के मुद्दे पर नैशनल ग्रीन ट्राइब्यूनल (NGT) ने चिंता जाहिर करते हुए दिल्ली सरकार को कड़ी फटकार लगाई है और पूछा है कि आखिर प्रदूषण कम करने के लिए हेलिकॉप्टर से आर्टिफिशल बारिश क्यों नहीं करवाई जा रही है? साथ ही केंद्र सरकार और पड़ोसी राज्यों के रुख को ‘शर्मनाक’ बताते हुए समस्या के प्रति उनकी गंभीरता पर सवाल उठाए हैं।

बुधवार को एनजीटी ने कहा कि संविधान नागरिकों को साफ वातावरण का हक देता है, लेकिन वक्त पर जरूरी कदम न उठाकर सरकारें लोगों से उनके जीने का अधिकार छीन रही हैं। 

मामले से जुड़े सभी पक्षों को लताड़ते हुए एनजीटी ने कहा, ‘इस मामले से जुड़े सभी पक्षों के लिए यह शर्मनाक है कि वे इस समस्या को सिर्फ अगली पीढ़ी के लिए टालने में जुटे हैं।’ ट्राइब्यूनल ने कहा कि सभी संवैधानिक प्राधिकरण और कानूनी संस्थाएं अपना फर्ज निभाने में नाकाम रहे हैं। जहां तक प्रदूषण की बात है, यह सभी पक्षों की संयुक्त जिम्मेदारी है। एनजीटी ने दिल्ली सरकार, म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन्स और पड़ोसी राज्यों को फटकार लगाते हुए कहा कि वे अस्पतालों में जाकर लोगों की दयनीय हालत देखें और समझें कि किस तरह उनकी जिंदगी से खिलवाड़ किया जा रहा है। 

एनजीटी ने चिंता जाहिर करते हुए कहा कि CPCB की रिपोर्ट से पता चला है कि दिल्ली-एनसीआर की हवा किस हद तक खतरनाक हो चुकी है। जो पीएम लेवल 100 होना चाहिए, वह बुधवार को 986 था और PM 2.5 का जो लेवल 60 होना चाहिए, वह 420 हो चुका है। एनजीटी ने आगे कहा, ‘खुलेआम हो रहे निर्माण कार्यों पर भी पहले से रोक नहीं लगाई गई, अब जब हालात इतने खराब हो गए तब कार्रवाई की बात कही जा रही है।’