आजमगढ़: प्रधान की हत्या पर गरमाई राजनीति, कांग्रेस नेता नजरबंद

सुबह होते ही सर्किट हाउस से लेकर आजमगढ़-लखनऊ हाईवे तक का इलाका छावनी में तब्दील कर दिया गया था।

Written By :

Shweta Singh

Updated

August 20, 2020

 

आजमगढ़ जिले के तरवां थाना क्षेत्र के बांसगांव के अनुसूचित जाति के प्रधान सत्यमेव जयते की हत्या पर राजनीति शुरू हो गई है।

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सत्यमेव के घर जाने और परिजनों से मिलने के लिए गुरूवार की सुबह जैसे ही कांग्रेसियों के प्रतिनिधिमंडल ने सर्किट हाउस से तरवां के लिए रवाना होने की कोशिश की, पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।

इसके बाद इसके बाद दरवाजे के अंदर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू, राज्यसभा सदस्य पीएल पुनिया, पूर्व सांसद बृजलाल खाबरी, पूर्व मंत्री आरके चैधरी, अनुसूचित विभाग के अध्यक्ष आलोक पासवान गेट के अंदर घरने पर बैठ गए। वहीं, स्थानीय कांग्रेसी गेट के बाहर धरना देने लगे।

इस दौरान दोनों ओर से नारेबाजी शुरू हो गई। उधर महाराष्ट्र के उर्जामंत्री नितिन राउत को जिउली मोड़ पर रोके जाने से वे वहीं पर धरने पर बैठ गए हैं।

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू, राज्यसभा सदस्य पीएल पुनिया, पूर्व सांसद बृजलाल खाबरी, पूर्व मंत्री आरके चैधरी, अनुसूचित विभाग के अध्यक्ष आलोक पासवान बुधवार की रात ही आजमगढ़ सर्किट हाउस पहुंच गए थे। चूंकि कांग्रेस नेताओं का कार्यक्रम पहले से तय था, इसलिए रात में ही प्रशासन ने सारी तैयारी पूरी कर ली थी।

सुबह होते ही सर्किट हाउस से लेकर आजमगढ़-लखनऊ हाईवे तक का इलाका छावनी में तब्दील कर दिया गया था। मौके पर पीएसी के जवान भी तैनात कर दिए थे। एसपी सिटी पंकज पांडेय, एसपी ग्रामीण सिद्धार्थ सुबह से ही मौके पर कमान संभाले हुए थे।

गुरूवार सुबह करीब 10.15 बजे कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल तरवां के बांसगांव जाने के लिए सर्किट हाउस से बाहर निकला तो मुख्य गेट में ताला बंद मिला। इसके बाद कांग्रेसियों ने हंगामा शुरू किया और गेट फांदकर बाहर आने की कोशिश की लेकिन पहले से तैयार पुलिस सभी नेताओं को सर्किट हाउस के भीतर उठा ले गई।