कलयुगी मां ने नवजात को बनाया कुत्तों का निवाला !

फर्रुखाबाद–जिले में नवजात बच्चों की मौतों पर कार्यवाही नही हो पा रही है।जिसका जिम्मेदार स्वास्थ्य विभाग है।आज विकास खण्ड कमालगंज क्षेत्र के गांव शेखपुर में नवजात बच्चे के शव को गांव का कुत्ता मुँह में दवा कर लिए जा रहा था लोगो ने देखने के बाद उसको कुत्ते के मुँह से छुड़ाया उसके बाद पुलिस को सूचना दी। लोगो का कहना है कि इस गांव में यह पहली घटना नही है हर महीने कोई न कोई नवजात बच्चे का शव गांव के खेतों से लेकर बीरान स्थानों पर पड़े देखे जाते है जिनको कुत्ते नोच नोच कर खा जाते है।गांव

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January 14, 2019

फर्रुखाबाद–जिले में नवजात बच्चों की मौतों पर कार्यवाही नही हो पा रही है।जिसका जिम्मेदार स्वास्थ्य विभाग है।आज विकास खण्ड कमालगंज क्षेत्र के गांव शेखपुर में नवजात बच्चे के शव को गांव का कुत्ता मुँह में दवा कर लिए जा रहा था लोगो ने देखने के बाद उसको कुत्ते के मुँह से छुड़ाया उसके बाद पुलिस को सूचना दी।

लोगो का कहना है कि इस गांव में यह पहली घटना नही है हर महीने कोई न कोई नवजात बच्चे का शव गांव के खेतों से लेकर बीरान स्थानों पर पड़े देखे जाते है जिनको कुत्ते नोच नोच कर खा जाते है।गांव में दाई का काम करने वाली महिलाएं है।जो इस प्रकार के बच्चो को पैदा कराती है उसके बाद उनके शवों को गांव में ही कही न कही फिकबा देती है।जिस कारण गांव के कुत्ते उनके शवो को अपना भोजन बनाते है।इस प्रकार से बच्चो के शव मिलने की कई बार शिकायत दर्ज कराई है।लेकिन स्वास्थ्य विभाग की तरफ से अबतक कोई कार्यवाही नही की है।इस मामले पर सीएमओ से बातचीत करनी चाही तो उन्होंने उन्होंने बोलने से मना कर दिया है।क्या समाज मे अपने गुनाहों को छुपाने के लिए फर्जी डाक्टरो की मदद से इस प्रकार से नवजातों की हत्याएं करा रहे है।लेकिन समाज मे रहने के कारण इस प्रकार की मानसिकता रखने वालों को पकड़ा नही जाता है जिस कारण वह इस प्रकार के कार्यो को आसानी से अंजाम देते है।

कलयुगी मां ने मां शब्द को किया शर्मसार-

जिस प्रकार से रोजाना कही न कही नवजात बच्चों के शव मिल रहे है।महिलाये सन्तान पाने के लिए डाक्टरो से लेकर देवी देवताओं के मंदिरों के चक्कर काटती है।वही कूछ मां शब्द को शर्मसार करने वाली महिलाएं अपने बच्चे को 6 माह से लेकर आठ माह तक पेट मे पालती है उसके बाद उनको समय से पहले पैदा कराकर नन्ही जान को मरने के लिए अपने घर से बाहर फेंक देती है।उन्ही को समाज कलयुगी मां के नाम से पुकारता है।

(रिपोर्ट- दिलीप कटियार, फर्रुखाबाद )