MLC चुवाव 2018ः भाजपा के सभी दस प्रत्याशियों ने किया नामांकन

लखनऊ — उत्तर प्रदेश में विधान परिषद की 13 सीटों के लिए 26 अप्रैल को होने वाले चुनाव के नामांकन के अंतिम दिन आज भारतीय जनता पार्टी के उनके सहयोगी अपना दल के एक प्रत्याशी ने  नामांकन दाखिल किया। इससे पहले सभी 11 प्रत्याशी भाजपा कार्यालय में एकत्र हुए थे, जहां पर सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्र नाथ पाण्डेय ने इनको बधाई दी थी। बता दें कि विधान भवन में सोमवार को भाजपा की तरफ से सबसे पहले विद्यासागर सोनकर ने नामांकन दाखिल किया। इसके बाद नामांकन का सिलसिला आगे बढ़ा। भाजपा के विजय बहादुर

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April 16, 2018

लखनऊ — उत्तर प्रदेश में विधान परिषद की 13 सीटों के लिए 26 अप्रैल को होने वाले चुनाव के नामांकन के अंतिम दिन आज भारतीय जनता पार्टी के उनके सहयोगी अपना दल के एक प्रत्याशी ने  नामांकन दाखिल किया। इससे पहले सभी 11 प्रत्याशी भाजपा कार्यालय में एकत्र हुए थे, जहां पर सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्र नाथ पाण्डेय ने इनको बधाई दी थी।

बता दें कि विधान भवन में सोमवार को भाजपा की तरफ से सबसे पहले विद्यासागर सोनकर ने नामांकन दाखिल किया। इसके बाद नामांकन का सिलसिला आगे बढ़ा। भाजपा के विजय बहादुर पाठक,राज्यमंत्री महेंद्र सिंह व मोहसिन रजा के बाद डॉ. सरोजिनी अग्रवाल, अशोक कटारिया, जयवीर सिंह, यशवंत सिंह, अशोक धवन तथा बुक्कल नवाब ने नामांकन किया।वहीं इसके अलावा अपना दल के आशीष सिंह पटेल ने भी अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। 

नामांकन के दौरान कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, गन्ना मंत्री सुरेश सिंह राणा परिवहन मंत्री स्वतंत्र देव सिंह पटेल, औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना, पंचायती राज मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी, कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, रमापति शास्त्री व चेतन चौहान के साथ राज्यमंत्री सुरेश पासी भी मौजूद थे। इनके साथ ही भाजपा संगठन से जुड़े पदाधिकारी विधान भवन में थे। 

गौरतलब है कि यूपी विधान परिषद चुनाव के लिए जारी अधिसूचना के मुताबिक आज नामांकन का अंतिम दिन था। मतदान 26 अप्रैल को होगा। पांच मई को 12 विधान परिषद सदस्यों का कार्यकाल पूरा हो रहा है और एक सीट पहले से ही खाली है। सूबे में कुल 100 विधान परिषद सदस्य हैं। इनमें से 38 विधान परिषद सदस्यों यानी एमएलसी का चयन विधायक करते हैं। 36 विधान परिषद सीटें ऐसी हैं जो स्थानीय निकाय द्वारा निर्वाचित होती हैं। इसके अलावा आठ सदस्यों का चुनाव शिक्षकों द्वारा और आठ सदस्य स्नातक सदस्यों द्वारा चुने जाते हैं। वहीं 10 विधान परिषद सदस्य मनोनीत होते हैं। इन सभी सदस्यों का कार्यकाल छह वर्ष के लिए होता है।