हनुमान मंदिर पहुंचे मंत्री मोहसिन रजा, लगाया टीका खाया प्रसाद

लखनऊ — उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री मोहसिन रजा ने शानिवार को  हिंदू-मुस्लिम सौहार्द की मिसाल पेश की है. दरअसल आज हनुमान जयंती के अवसर पर देशभर के हनुमान मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया और शोभा यात्राएं निकाली गईं। इस मौके पर जगह-जगह भंडारे तथा प्रसाद वितरण का आयोजन किया गया था. ऐसे में योगी सरकार के एकमात्र अल्पसंख्यक मंत्री मोहसिन रजा ने भी अपने परिवार के साथ हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना की और भगवान बजरंगबली का भोग लगाकर बच्चों को प्रसाद का वितरण किया.  बता दें कि मोहसिन रजा लखनऊ के अलीगंज स्थित हनुमान मंदिर पहुंचे.इस दौरान उनके साथ बेटा-बेटी

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March 31, 2018

लखनऊ — उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री मोहसिन रजा ने शानिवार को  हिंदू-मुस्लिम सौहार्द की मिसाल पेश की है. दरअसल आज हनुमान जयंती के अवसर पर देशभर के हनुमान मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया और शोभा यात्राएं निकाली गईं।

इस मौके पर जगह-जगह भंडारे तथा प्रसाद वितरण का आयोजन किया गया था. ऐसे में योगी सरकार के एकमात्र अल्पसंख्यक मंत्री मोहसिन रजा ने भी अपने परिवार के साथ हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना की और भगवान बजरंगबली का भोग लगाकर बच्चों को प्रसाद का वितरण किया. 

बता दें कि मोहसिन रजा लखनऊ के अलीगंज स्थित हनुमान मंदिर पहुंचे.इस दौरान उनके साथ बेटा-बेटी भी थे.यही नहीं मंदिर पहुंचे मोहसिन और उनके बच्चों ने राम नाम लिखी हुई चुनरी भी अपने शरीर पर धारण की और माथे पर सिंदुर का टीका लगाया.मंत्री ने हनुमान जी की पूजा-अर्चना की और उन्हें भोग भी लगाया. बाद में इस भोग का मंदिर में मौजूद बच्चों में वितरण भी किया और सभी लोगों को हनुमान जयंती की शुभकामनाएं दीं. बताया जाता है कि अलीगंज के इस मंदिर को अवध के नवाब वाजिद अली शाह की माता आलिया बेगम ने बनवाया था.बता दें कि मोहसिन रजा योगी सरकार में एकलौते मुस्लिम मंत्री हैं और वे अल्पसंख्क मामलों के मंत्री हैं. 

इस दौरान उन्होंने कहा कि वह भारत के नागरिक हैं और हर धर्म तथा मजहब में आस्था रखते हैं. उनका मजहब भाईचारे का मजहब है. मोहसिन ने कहा कि जहां भाईचारा और आपसी सौहार्द होता है, वे वहां जरूर जाते हैं. यही नहीं मंत्री ने कहा कि यह केवल मोदी और योगी राज में ही संभव हुआ है कि जहां सभी धर्मों के लोग आजाद होकर अपने ख्यालों का आदान-प्रदान कर रहे हैं और खुद को महफूज मान रहे हैं.