Mathura Farsa Wale Baba : 300 लोगों पर मामला दर्ज, अब तक 13 गिरफ्तार

Mathura Farsa Wale Baba : उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में शनिवार को हुए एक सड़क हादसे के बाद हालात अचानक बिगड़ गए और स्थिति हिंसक हो गई। गौशाला संचालक चंद्रशेखर उर्फ फरसा वाले बाबा की मृत्यु से आक्रोशित उनके समर्थकों ने हाईवे जाम कर दिया और पुलिस पर पथराव किया। इस घटना में कई पुलिसकर्मी घायल हो गए, जबकि कई वाहनों को भी नुकसान पहुंचा। प्रशासन ने कड़ी मशक्कत के बाद स्थिति को नियंत्रित किया। फिलहाल पुलिस उपद्रवियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी में जुटी हुई है। सड़क जाम कर किया विरोध प्रदर्शन पुलिस के अनुसार, यह पूरा मामला

Written By :

SK Sharma

Updated

March 22, 2026

Mathura Farsa Wale Baba

Mathura Farsa Wale Baba : उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में शनिवार को हुए एक सड़क हादसे के बाद हालात अचानक बिगड़ गए और स्थिति हिंसक हो गई। गौशाला संचालक चंद्रशेखर उर्फ फरसा वाले बाबा की मृत्यु से आक्रोशित उनके समर्थकों ने हाईवे जाम कर दिया और पुलिस पर पथराव किया। इस घटना में कई पुलिसकर्मी घायल हो गए, जबकि कई वाहनों को भी नुकसान पहुंचा। प्रशासन ने कड़ी मशक्कत के बाद स्थिति को नियंत्रित किया। फिलहाल पुलिस उपद्रवियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी में जुटी हुई है।

सड़क जाम कर किया विरोध प्रदर्शन

पुलिस के अनुसार, यह पूरा मामला कोसीकलां थाना क्षेत्र का है, जहां शनिवार देर शाम एक सड़क दुर्घटना में फरसा वाले बाबा की मौत हो गई। इस घटना के बाद उनके समर्थकों में भारी आक्रोश फैल गया। देखते ही देखते भीड़ ने उग्र रूप धारण कर लिया और सड़क पर जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान कुछ उपद्रवी तत्वों ने पुलिस पर पथराव किया, जिससे हालात और बिगड़ गए।

घटना के बाद पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें हरियाणा निवासी दक्ष चौधरी और अक्कू पंडित सहित चार लोग शामिल हैं। पुलिस ने 30 नामजद और करीब 250 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। इसके अलावा अन्य मामलों में 22 नामजद और 300 अज्ञात लोगों पर केस दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार किया जाएगा।

फरसा बाबा को दी श्रद्धांजलि

जानकारी के अनुसार, हरियाणा के रहने वाले दक्ष चौधरी और अक्कू पंडित अपने समर्थकों के साथ मथुरा पहुंचे थे। उन्होंने पहले फरसा बाबा को श्रद्धांजलि दी और फिर वहां मौजूद गौरक्षकों से बातचीत की। इस दौरान भीड़ ने उन्हें बताया कि कई गौरक्षक छाता थाने में बंद हैं। इसके बाद दक्ष चौधरी अपने समर्थकों के साथ छाता थाना की ओर रवाना हो गए।

बताया जा रहा है कि इस दौरान उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर लोगों से थाने का घेराव करने की अपील की। इस अपील के बाद माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया। पुलिस ने स्थिति को भांपते हुए रामा देवी स्कूल के पास उन्हें रोकने की कोशिश की। इसी दौरान पुलिस अधिकारियों और दक्ष चौधरी व उनके साथियों के बीच तीखी नोकझोंक हो गई।

माहौल बिगड़ता देख पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दक्ष चौधरी समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया। उनके खिलाफ बरसाना थाने में अफवाह फैलाने, दंगा भड़काने और सरकारी कार्य में बाधा डालने जैसे गंभीर आरोपों में मुकदमा दर्ज किया गया है।

कोहरे की वजह से हुआ हादसा-एसएसपी

मथुरा के एसएसपी श्लोक कुमार ने इस घटना पर बयान देते हुए बताया कि सड़क हादसा कोहरे के कारण हुआ था। उनके अनुसार, फरसा वाले बाबा ने एक नागालैंड नंबर के कैंटर वाहन को रोका था, जिसमें उन्हें गोवंश होने की आशंका थी। जब वे उस वाहन की जांच के लिए वापस लौट रहे थे, तभी घने कोहरे के कारण पीछे से आ रहे एक ट्रक ने उन्हें टक्कर मार दी। इस हादसे में वे गंभीर रूप से घायल हो गए और कुछ ही देर बाद उनकी मृत्यु हो गई।

एसएसपी ने यह भी स्पष्ट किया कि इस घटना को लेकर कुछ बाहरी तत्वों ने माहौल खराब करने की कोशिश की। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से भ्रामक जानकारी फैलाकर लोगों को भड़काया, जिसके चलते हिंसक स्थिति उत्पन्न हुई। पुलिस ने ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक जानकारी साझा न करें। यदि कोई व्यक्ति गलत सूचना फैलाता हुआ पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

जानबूझकर माहौल बिगाड़ने का आरोप

घटना के बाद क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। गौशाला क्षेत्र में सुरक्षा के लिए सेक्टर टीमों की तैनाती की गई है, जिनमें मजिस्ट्रेट भी शामिल हैं। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है ताकि दोबारा कोई अप्रिय घटना न हो। वहीं, विश्व हिंदू परिषद के प्रांतीय अध्यक्ष कन्हैया अग्रवाल ने आरोप लगाया कि जब वे अपने साथियों के साथ लोगों को शांत करने के लिए मौके पर पहुंचे, तब कुछ असामाजिक तत्वों ने पथराव शुरू कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि ये लोग गौतस्करों के समर्थक थे, जिन्होंने जानबूझकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की।

कुल मिलाकर, यह घटना एक सड़क हादसे से शुरू होकर कानून-व्यवस्था की गंभीर स्थिति में बदल गई। पुलिस और प्रशासन अब स्थिति को पूरी तरह नियंत्रित करने और दोषियों को सजा दिलाने के प्रयास में जुटे हुए हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना है।


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