दरोगा ने रिटायरमेंट से चार महीने पहले कोतवाली में की खुदकुशी,ये थी वजह…

महोबा –उत्तर प्रदेश के महोबा शहर कोतवाली में तैनात दरोगा रमाकांत सचान का शुक्रवार सुबह परिसर स्थित आवास में फांसी के फंदे पर शव लटकता पाया गया। सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।आनन-फानन में एसपी मणलाल पाटीदार सहित अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। अप्रैल 2020 में ही वह रिटायर होने वाले थे दरोगा रमाकांत।प्राथमिक जांच में सामने आया है कि कई सालों से महोबा में तैनात दरोगा का ट्रांसफर प्रयागराज हो गया था। जिसके कारण वह तनाव में थे। वहीं एसपी मणिलाल पाटीदार ने पूरे मामले को संदिग्ध मान रहे हैं। उनका कहना है कि, कोतवाली

Written By :

SK Sharma

Updated

January 3, 2020

महोबा –उत्तर प्रदेश के महोबा शहर कोतवाली में तैनात दरोगा रमाकांत सचान का शुक्रवार सुबह परिसर स्थित आवास में फांसी के फंदे पर शव लटकता पाया गया। सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।आनन-फानन में एसपी मणलाल पाटीदार सहित अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। अप्रैल 2020 में ही वह रिटायर होने वाले थे दरोगा रमाकांत।प्राथमिक जांच में सामने आया है कि कई सालों से महोबा में तैनात दरोगा का ट्रांसफर प्रयागराज हो गया था। जिसके कारण वह तनाव में थे।

वहीं एसपी मणिलाल पाटीदार ने पूरे मामले को संदिग्ध मान रहे हैं। उनका कहना है कि, कोतवाली स्थित आवास में दरोगा का शव फंदे पर लटकता मिला है। इनके पास कोतवाली मालखाने का चार्ज था। परिवार को सूचित किया जा चुका है। परिजनों के आने के बाद मामले की स्थिति और भी स्प्ष्ट होगी।

उन्होंने बताया कि, शहर कोतवाली में कई वर्षों से तैनात उपनिरीक्षक रमाकांत सचान का तबादला महोबा से प्रयागराज हो गया था। रमाकांत को अप्रैल वर्ष 2020 में सेवानिवृत्त होना था। ऐसे में उनका ट्रांसफर कुछ दिनों पहले प्रयागराज कर दिया गया था। मृतक का परिवार मौजूदा समय में कानपुर देहात में रहता है।