किन्नरों ने पेश की अनूठी मिसाल,मुँहबोली बहन की बेटी के विवाह में किया ये काम..

फर्रुखाबाद–आपने अपने आस पास किन्नरों को लोगो ने अभी तक नेग वसूलते तो किसी को दुआएं व किसी से झगड़ा करते हुए देखा होगा।फर्रुखाबाद  के किन्नरों ने अनोखी पहल शुरू की है।  लोग पैदा होने से पहले ही बेटियों को गर्व में ही मरवा देते है।यहां पैदा होने पर कुत्तो के आगे खाने के लिए फेक देते है।वह इस प्रकार का कृत्य विल्कुल न करे यदि उनकी बेटी पालने की क्षमता नही है तो वह हमारे किन्नर समाज को दान में दे दे।हमारा समाज उन नन्ही बेटियों का पालन पोषण के साथ उसकी पढ़ाई लिखाई भी हमारा समाज ही करेगा।आज

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January 31, 2019

फर्रुखाबाद–आपने अपने आस पास किन्नरों को लोगो ने अभी तक नेग वसूलते तो किसी को दुआएं व किसी से झगड़ा करते हुए देखा होगा।फर्रुखाबाद  के किन्नरों ने अनोखी पहल शुरू की है। 

लोग पैदा होने से पहले ही बेटियों को गर्व में ही मरवा देते है।यहां पैदा होने पर कुत्तो के आगे खाने के लिए फेक देते है।वह इस प्रकार का कृत्य विल्कुल न करे यदि उनकी बेटी पालने की क्षमता नही है तो वह हमारे किन्नर समाज को दान में दे दे।हमारा समाज उन नन्ही बेटियों का पालन पोषण के साथ उसकी पढ़ाई लिखाई भी हमारा समाज ही करेगा।आज फतेहगढ़ क्षेत्र की रहने वाली रेशमा किन्नर ने एक नई पहल की शुरुआत की है। पहल के तहत पांचालघाट क्षेत्र के मोहल्ला विकास नगर निवासी विनोद चौहान की पत्नी रानी को अपनी बहन बनाया है।रानी की बड़ी बेटी पुष्पाजंलि का विवाह हो रहा है।उसी के चलते रेशमा ने अपने साथियों किन्नरों के साथ गुरु को बुलाया उसके बाद बहन के पूरे परिवार व मान्य पक्ष को भात पहनाने के साथ नजर भेंट की है।इस मौके पर सैकड़ो महिलाये मौजूद रही।भात पहनाते समय जो मंगलगीत गाये जाते है वह गाये गए है।

रेशमा किन्नर ने बताया कि हम लोग समाज के एक अंग है समाज को यह संदेश देना चाहते है कि जो लोग भूर्ण हत्याएं कर रहे है वह लोग कन्याओं को फेके नही मुझे दे दे।मै उनको पढा लिखा कर काबिल बना दूंगी। जिस वर्ग की बेटी होगी अच्छा परिवार देखकर उसका विवाह भी करूंगी।बेटी और बेटा में अंतर नही समझना चाहिए उसी के चलते आज मेरी बहन की बेटी के विवाह के मौके पर भात पहनाया है।

वही विनोद चौहान ने बताया कि किन्नरों द्वारा दिये गए सम्मान से हमारा परिवार बहुत ही खुश है।इन्ही की पत्नी रानी ने कहा कि किन्नरों को अपने परिवार से अलग नही मानना चाहिए उनसे दिल मिलाकर देखो वह हर घड़ी में समाज के साथ खड़े दिखाई देंगे।

(रिपोर्ट-दिलीप कटियार, फर्रुखाबाद )