5 लाख लोगों को मिलेगी केजरीवाल की चिट्ठी

नई दिल्ली: मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने लेटर के जरिए दिल्ली की जनता से सीधा संवाद करने का सिलसिला शुरू किया है। सीएम ने दिल्ली विद्युत बोर्ड के पेंशनधारकों और ईडब्ल्यूएस कैटिगरी में ऐडमिशन पाने वाले बच्चों को लेटर लिखा है। सीएम ने कहा है कि अगर कोई भी परेशानी आ रही है तो वे ईमेल या फोन के जरिए सीएम हाउस तक अपनी बात पहुंचा सकते हैं। उनकी समस्याओं को दूर करने के लिए फौरन जरूरी कदम उठाए जाएंगे। सीएम आने वाले दिनों में 5 लाख से ज्यादा लेटर लिखकर जनता के साथ सीधा संवाद करेंगे। अभी तक करीब 40 हजार

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October 30, 2017

नई दिल्ली: मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने लेटर के जरिए दिल्ली की जनता से सीधा संवाद करने का सिलसिला शुरू किया है। सीएम ने दिल्ली विद्युत बोर्ड के पेंशनधारकों और ईडब्ल्यूएस कैटिगरी में ऐडमिशन पाने वाले बच्चों को लेटर लिखा है। सीएम ने कहा है कि अगर कोई भी परेशानी आ रही है तो वे ईमेल या फोन के जरिए सीएम हाउस तक अपनी बात पहुंचा सकते हैं।

उनकी समस्याओं को दूर करने के लिए फौरन जरूरी कदम उठाए जाएंगे। सीएम आने वाले दिनों में 5 लाख से ज्यादा लेटर लिखकर जनता के साथ सीधा संवाद करेंगे। अभी तक करीब 40 हजार लोगों को लेटर भेजे जा चुके हैं। सीएम ऑफिस के एक सीनियर अधिकारी का कहना है कि 5 लाख से ज्यादा लेटर लिखने के बाद दूसरे फेज में स्कॉलरशिप पाने वाले स्टूडेंट्स को भी लेटर लिखा जा सकता है। दिल्ली में अलग-अलग स्कीम में करीब 10 लाख स्कॉलरशिप दी जाती हैं।

दिल्ली में ईडब्ल्यूएस कैटिगरी में ऐडमिशन पाने वाले 31 हजार से ज्यादा बच्चों के पैरंट्स को लेटर लिखा जा रहा है। इसके अलावा ओल्ड एज पेंशन, डिसेबिलिटी पेंशन समेत दूसरी स्कीम्स में पेंशन पाने वाले 5 लाख लोगों को भी लेटर लिखा जा रहा है। ईडब्ल्यूएस कैटिगरी में ऐडमिशन पाने वाले बच्चों के पैरंट्स को लिखे लेटर में सीएम ने बधाई देते हुए कहा है कि एक जमाना था जब स्कूलों में दाखिले के लिए दलालों को हजारों रुपये देने पड़ते थे और धक्के खाने पड़ते थे लेकिन आम आदमी पार्टी सरकार ने सिस्टम को बदल दिया है। अब प्राइवेट स्कूलों में ईडब्ल्यूएस कैटिगरी में गरीब बच्चों का आसानी से ऐडमिशन हो रहा है और इसके लिए कोई रिश्वत नहीं देनी पड़ रही है। दिल्ली में ईमानदार सरकार है और सरकारी कामों में रिश्वतखोरी खत्म हुई है। सीएम ने पैरंट्स से पूछा है कि आपको अपने बच्चे का दाखिला कराने के लिए किसी को पैसे तो नहीं देने पड़े? अगर कोई भी समस्या है तो सरकार तक शिकायत पहुंचाई जा सकती है।