जया जेटली ने कहा- नीतीश में प्रधानमंत्री बनने की क्षमता, लेकिन……

नयी दिल्ली — समता पार्टी की पूर्व अध्यक्ष जया जेटली ने कहा है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार में प्रधानमंत्री बनने की क्षमता है, लेकिन उन्होंने टीम के एक सदस्य के रूप में अपने लोकतांत्रिक व्यवहार से निराश किया है. समता पार्टी में एक समय नीतीश की सहयोगी रही जया जेटली ने वरिष्ठों विशेषकर जार्ज फर्नांडीस के प्रति उनमें मानवता की कमी के लिए भी नीतीश की आलोचना की. जार्ज ने नीतीश कुमार के साथ मिलकर वर्ष 1994 में समता पार्टी बनायी थी. वर्ष 2003 में पूरी पार्टी का जनता दल (यूनाइटेड) के साथ विलय हो गया था.  

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November 9, 2017

नयी दिल्ली — समता पार्टी की पूर्व अध्यक्ष जया जेटली ने कहा है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार में प्रधानमंत्री बनने की क्षमता है, लेकिन उन्होंने टीम के एक सदस्य के रूप में अपने लोकतांत्रिक व्यवहार से निराश किया है. समता पार्टी में एक समय नीतीश की सहयोगी रही जया जेटली ने वरिष्ठों विशेषकर जार्ज फर्नांडीस के प्रति उनमें मानवता की कमी के लिए भी नीतीश की आलोचना की. जार्ज ने नीतीश कुमार के साथ मिलकर वर्ष 1994 में समता पार्टी बनायी थी. वर्ष 2003 में पूरी पार्टी का जनता दल (यूनाइटेड) के साथ विलय हो गया था.

 

जया जेटली ने 8 नवंबर को अपनी किताब लाइफ अमंग स्कॉर्पिअयंस के विमोचन के मौके पर कहा, एक समय था जब मैं सोचती थी कि उनमें (नीतीश) में प्रधानमंत्री बनने की क्षमता है और वह प्रशासनिक रूप से सक्षम है. उन्होंने कहा, लेकिन उस समय जब हम साथ काम करते थे मैंने देखा कि उन्होंने एक टीम के रूप में काम करते हुए अपने लोकतांत्रिक व्यवहार के रूप में निराश किया. 

जया जेटली ने कहा, लेकिन वरिष्ठों के प्रति उनमें मानवता की कमी को लेकर वह जदयू प्रमुख को माफ नहीं कर सकती है. वर्ष 2009 में राजग के संयोजक रहे फर्नांडीस को लोकसभा चुनावों के लिए जदयू ने बिहार से टिकट देने से इनकार कर दिया. फर्नांडीस ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जब मुजफ्फरपुर से चुनाव लड़ा, तो उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया.

जेटली ने वर्ष 1990 में जगमोहन की जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल के रूप में नियुक्ति पर भी बात की. उन्होंने कहा, मुझे याद है कि जब मैं हौजखास में जार्ज साहब के साथ बैठी हुई थी तो फारुक अब्दुल्ला का उन्हें (जार्ज) को फोन आया और कहा जगमोहन को राज्य के राज्यपाल के रूप में न भेजा जाये नहीं तो वह इस्तीफा दे देंगे.जार्ज साहब ने मेरे सामने वीपी सिंह को फोन किया और उस समय उन्होंने आश्वासन दिया कि वे उन्हें राज्यपाल के रूप में नहीं भेज रहे है. वीपी सिंह दिसंबर 1989 से नवंबर 1990 तक प्रधानमंत्री रहे थे.