Iran Protest: ईरान में 100 से ज्यादा शहरों में हिंसक प्रदर्शन, अब तक 62 लोगों की मौत

Iran Protest: ईरान में हाहाकार मचा हुआ है। सरकार विरोधी प्रदर्शन लगातार हिंसक होते जा रहे हैं। देश भर में हुए प्रदर्शनों में अब तक 60 से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि हज़ारों लोगों को हिरासत में लिया गया है। हालात इतने तनावपूर्ण हो गए हैं कि कई इलाकों में कम्युनिकेशन सर्विस बाधित हो गई है। इसके बावजूद, प्रदर्शन कम होने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं। Iran Protest: अब तक 62 लोगों की मौत मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिसंबर 2025 में शुरू हुए इन प्रदर्शनों में कम से कम 62 लोगों की जान चली गई

Written By :

SK Sharma

Updated

January 10, 2026

Iran Protest Khamenei

Iran Protest: ईरान में हाहाकार मचा हुआ है। सरकार विरोधी प्रदर्शन लगातार हिंसक होते जा रहे हैं। देश भर में हुए प्रदर्शनों में अब तक 60 से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि हज़ारों लोगों को हिरासत में लिया गया है। हालात इतने तनावपूर्ण हो गए हैं कि कई इलाकों में कम्युनिकेशन सर्विस बाधित हो गई है। इसके बावजूद, प्रदर्शन कम होने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं।

Iran Protest: अब तक 62 लोगों की मौत

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिसंबर 2025 में शुरू हुए इन प्रदर्शनों में कम से कम 62 लोगों की जान चली गई है। अमेरिका स्थित मानवाधिकार संगठन ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज़ एजेंसी (HRANA) का दावा है कि मरने वालों की संख्या 65 से ज़्यादा हो सकती है। संगठन के अनुसार, 9 जनवरी को प्रदर्शन 13वें दिन में प्रवेश कर गए और अब तक 2,311 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

ईरान के सभी 31 प्रांतों में प्रदर्शन हुआ उग्र

HRANA की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शन पूरे ईरान में फैल गए हैं। सभी 31 प्रांतों के 180 शहरों में कुल 512 जगहों पर प्रदर्शन हो रहे हैं। शुरुआत में, ये प्रदर्शन 28 दिसंबर, 2025 को तेहरान के दो बाज़ारों में शुरू हुए थे, जहां लोग महंगाई, बेरोज़गारी और ईरानी मुद्रा, रियाल की गिरती कीमत के विरोध में सड़कों पर उतरे थे। धीरे-धीरे यह आंदोलन पूरे देश में फैल गया और अब यह सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के नेतृत्व वाली धार्मिक सत्ता के खिलाफ गुस्से की सीधी अभिव्यक्ति बन गया है। शुक्रवार को, ईरान के सरकारी मीडिया ने पहली बार स्वीकार किया कि प्रदर्शनों में जान-माल का नुकसान हुआ है, हालांकि उसने कोई खास आंकड़े नहीं दिए। इसके अलावा, सरकारी मीडिया ने हिंसा के लिए अमेरिका और इजराइल से जुड़े आतंकवादी एजेंटों को जिम्मेदार ठहराया।

ट्रंप पर खामेनेई ने साधा निशाना

इस बीच, सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को “घमंडी” कहा और आरोप लगाया कि उनके हाथ ईरानियों के खून से रंगे हैं। खामेनेई ने कहा कि ट्रंप को अपने देश की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए। खामेनेई ने संकेत दिया कि सुरक्षा बल अब प्रदर्शनकारियों के खिलाफ और सख्त कार्रवाई करेंगे। सरकारी टीवी पर प्रसारित वीडियो में “अमेरिका मुर्दाबाद” के नारे भी दिखाए गए। खामेनेई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ट्रंप पर भी निशाना साधा और दावा किया कि जून में 12 दिन की लड़ाई में 1,000 से ज़्यादा ईरानी मारे गए, जिसका आदेश ट्रंप ने दिया था।

ट्रंप से की दखल देने की अपील

इस बीच, ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रज़ा पहलवी ने ट्रंप से तुरंत दखल देने की अपील की। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा, “मिस्टर प्रेसिडेंट, यह ईरानी लोगों के लिए तुरंत मदद और कार्रवाई के लिए एक अपील है।” पहलवी की अपील के बाद गुरुवार और शुक्रवार को बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए। कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों ने पहलवी के समर्थन में नारे लगाए और ईरान लौटने की मांग की। रज़ा पहलवी के पिता ईरान के आखिरी शाह थे, जिन्हें 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद सत्ता छोड़कर देश से भागना पड़ा था।


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