…जब दंगाइयों को पकड़ने के लिए दरोगा को बेंचने पड़े केले, जानें पूरा मामला

फिरोजाबद–खुफिया जानकारी का पता लगाने के लिए पुलिस को क्या-क्या जतन नहीं करने पड़ते, इसका एक उदाहरण देखने को मिला यूपी के आगरा में।नागरिकता कानून के विरोध में यूपी के कई हिस्सों में हिंसा हुई थी।फिरोजाबाद में भी उपद्रवियों ने हिंसा फैलाई थी। दरअसल पुलिस और खुफिया विभाग को मंगलवार को खबर मिली कि फिरोजाबाद जिले में हिंसा फैलाने वाले कुछ दंगाई आगरा में आ गए हैं और कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए वे अपने रिश्तेदारों के यहां शरण ले रहे हैं। जिसके बाद पुलिस ने इन दंगाइयों को पकड़ने का प्लान तैयार किया।मंटोला के दरोगा संजीव तोमर ने

Written By :

Shweta Singh

Updated

December 27, 2019

फिरोजाबद–खुफिया जानकारी का पता लगाने के लिए पुलिस को क्या-क्या जतन नहीं करने पड़ते, इसका एक उदाहरण देखने को मिला यूपी के आगरा में।नागरिकता कानून के विरोध में यूपी के कई हिस्सों में हिंसा हुई थी।फिरोजाबाद में भी उपद्रवियों ने हिंसा फैलाई थी।

दरअसल पुलिस और खुफिया विभाग को मंगलवार को खबर मिली कि फिरोजाबाद जिले में हिंसा फैलाने वाले कुछ दंगाई आगरा में आ गए हैं और कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए वे अपने रिश्तेदारों के यहां शरण ले रहे हैं। जिसके बाद पुलिस ने इन दंगाइयों को पकड़ने का प्लान तैयार किया।मंटोला के दरोगा संजीव तोमर ने उस इलाके में आरोपी का पता लगाने के लिए ठेले पर केले बेचने का फैसला किया। वह ठेला लेकर उन-उन इलाकों और गलियों में गए जहां आरोपी के छिपे होने की आशंका थी।

यही नहीं, इसके लिए दरोगा ने अपनी मूंछे कटवा दी।गंदे कपड़े भी पहनें, ताकि कोई उन्हें पहचान नहीं पाए। आखिरकार मिशन कामयाब रहा। जो सूचनाएं मिली थीं, वो सही पाई गईं।पुलिस के अनुसार, आरोपी को पकड़ लिया गया है।