प्रतापगढ़ नाबालिग बेजुबान से रेप की खौफनाक वारदात,लीपापोती में लगी पुलिस

प्रतापगढ़ — हैदराबाद और उन्नाव का रेप मामला अभी ठंढा भी नही हुआ कि प्रतापगढ़ में भी मानवता को शर्मसार करने वाली घटना उजागर हुई है। यहा एक दलित नाबालिग जो न तो बोल सकती है न ही सुन सकती है, के साथ हैवानियत की सारी हदें पार कर दी एक हैवान ने। दरअसल तीन दिन पहले घर पर अकेली रही मूक बधिर नाबालिग को घर घसीट कर रेप किया गांव के ही युवक ने। इस मामले में पीड़ित परिजनों ने जब पुलिस में शिकायत की तो पुलिस ने मामले की लीपापोती शुरू कर दी, मामले को कमतर कर दिखाने

Written By :

SK Sharma

Updated

December 9, 2019

प्रतापगढ़ — हैदराबाद और उन्नाव का रेप मामला अभी ठंढा भी नही हुआ कि प्रतापगढ़ में भी मानवता को शर्मसार करने वाली घटना उजागर हुई है। यहा एक दलित नाबालिग जो न तो बोल सकती है न ही सुन सकती है, के साथ हैवानियत की सारी हदें पार कर दी एक हैवान ने।

दरअसल तीन दिन पहले घर पर अकेली रही मूक बधिर नाबालिग को घर घसीट कर रेप किया गांव के ही युवक ने। इस मामले में पीड़ित परिजनों ने जब पुलिस में शिकायत की तो पुलिस ने मामले की लीपापोती शुरू कर दी, मामले को कमतर कर दिखाने के चक्कर मे मारपीट और छेड़खानी में मुकदमा दर्ज कर पीड़ित को टरका दिया लेकिन पीड़ित लगातार थाने का चक्कर लगाता रहा और मामला मीडिया तक पहुंच गया तो एसपी की मीडिया सेल ने पहले मारपीट और छेड़खानी की बात शोशल मीडिया में फैलाई गई।इस बाबत पहले पुलिस लगातार मामले को झुठलाने में मशगूल रही लेकिन जब मामला हाथ से निकलता नजर आया तो बलात्कार की बात स्वीकार करते हुए विधिक कार्यवाई की बात करने लगी।

बता दें कि प्रतापगढ़ पुलिस ज्यादातर गम्भीर मामलों को कमतर दिखाने की कोशिशें लगातार करती रही है। इस मामले में भी पहले तो शोशल मीडिया के माध्यम से मामले को मारपीट और क्षेड़खानी बताती रही हालांकि बाद में मुकदमा दर्ज करने और विधिक कार्यवाई की बात करने लगी। ये कोई पहला मामला नही है इसी सप्ताह दो छात्राओं जो सगी बहने थी कि मौत भी पुलिस सुसाइट बता रही है, जबकि जिस जगह शव मिला वहा नदी में घुटने भर भी पानी नही था।

इतना ही नही कालेज से छात्राए मुख्यालय से पचास किमी दूर जाकर आत्महत्या क्यों करेंगी जबकि वही नदी उनके घर के पास भी बहती है। घटना स्थल से बहती नदी जो लगभग सुख चुकी है वो मुख्यालय को आती है जहाँ मृत छात्राओं का घर है। पुलिस की इस थ्योरी पर किसी को विस्वास नही और पूरी तरह हास्यास्पद नजर आती है।

(रिपोर्ट-मनोज त्रिपाठी,प्रतापगढ़)